*धूल और रेत के कणों से लोगो का हाल बेहाल लोगो के आंखों में धूल के कण घुसने आंखे हो रही लाल ,,,धूल से हो रही एलर्जी सभी वर्ग के लोग हो रहे परेशान*
आखिर धूल मुक्त शहर का सपना कब होगा पूरा लोगो मे है चर्चा का विषय
बालोद ।
(✒️संजीव मणि नायर)
बालोद शहर की सड़कों वाहनों के चलने से उड़ते धूल से अब लोगो को काफी तकलीफों का सामना करना पड़ रहा है एक तरफ राजहरा तिराहा से लोहारा रोड तक लोक निर्माण विभाग द्वारा सौंदर्यीकरण के नाम पर डिवाइडर एवं सड़को का निर्माण चल रहा है वहीं घड़ी चौक से पुराना बस स्टैंड सदर बाजर होते हुए इंदिरा चौक तक सड़को की सफाई और धूल नही हटने से व्यापारी वर्ग गृहणी आमजन काफी परेशान है पालिका प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का इस समस्या पर कोई सरोकार नजर नही आ रहा है जनता की परेशानी दिनोदिन बढ़ती ही जा रही है
*सड़क सफाई का मशीन सफेद हाथी शाबित हो रहा है*
बालोद नगर पालिका में एक सड़क सफाई करने वाला मशीन भी लिया गया है जो कुछ एक बार ही सड़को पर सफाई करते देखा गया है नई नगर सरकार के कार्यकाल में वह एक बार भी काम मे नही लिया जाना समझ से परे है ऐसे में वह मशीन सफेद हाथी ही शाबित होता दिखाई पड़ रहा है
*मकान निर्माण की सामग्री सड़को पर बिखरने से उड़ रहे धूल के कण*
बालोद शहर के अंदर मकान निर्माण करने वाले सड़को पर ही रेत मुरुम खाली करवा तो देते हैं पर सफाई नही करने पर गाड़ियों के आवाजाही से वह उड़ने लगते हैं जिसमे इसके बारीक कण लोगो की आंखों में जाकर जलन तथा आंखों को नुकसान पहुंचा रहे हैं वही उड़ते धूल से एलर्जी होने से लोगो को शर्दी जुकाम एवं गले की खराश की शिकायत भी बढ़ने लगा है जो लोगो के स्वास्थ्य से खिलवाड़ नजर आ रहा है*व्यापारी वर्ग और गृहणियों को धूल की परत जमने से बार बार सफाई करने से हो रही दिक्कत*
बालोद के पुराना बस स्टैंड से लेकर सदर बाजार स्टेशन रोड वाले मार्ग पर उड़ते धूल से व्यापारियों और घरेलू महिलाओं को धूल की परत जमने से बार बार परेशनियों का सामना करना पड़ रहा है व्यापारी वर्ग धूल की उड़ने से अपने सामानों पर धूल जमाव से सामग्री खराब होने की बात कहते नजर आ रहे हैं कपड़ा व्यवसायी इस मामले में सबसे ज्यादा परेशान है

