छत्तीसगढ़लोकल न्यूज़

*जिले के विभिन्न ग्रामों में ‘रोजगार दिवस’ और ‘आवास दिवस’ का हुआ आयोजन*

  • बालोद- शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप बालोद जिले के विभिन्न ग्रामों में 07 फरवरी 2026 को ‘रोजगार दिवस’ और ‘आवास दिवस’ का आयोजन किया गया। इसमें विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में उत्सव का माहौल रहा, जहां शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया गया। इस कार्यक्रम में ग्राम पंचायत के सरपंच, उप सरपंच एवं पंचगण, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, आवास हितग्राहियों और मनरेगा श्रमिकों और भारी संख्या में ग्रामवासियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान न केवल योजनाओं की समीक्षा की गई, बल्कि आगामी लक्ष्यों के लिए ग्रामीणों को प्रोत्साहित भी किया गया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) और VBG R-RAM-G के प्रावधानों पर विस्तृत जानकारी दी गई। इस दौरान विभागीय कर्मचारियों द्वारा ग्रामीणों को प्रधानमंत्री आवास निर्माण की तकनीकी बारीकियां, किस्तों का भुगतान और गुणवत्तापूर्ण आवास सुनिश्चित करना, VBG R-RAM-G के तहत योजना के नवीन प्रावधानों और ग्रामीण विकास में इसकी भूमिका जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों में मजदूरों और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को स्थायी रोजगार सुरक्षा प्रदान करने के संबंध में जानकारी प्रदान की गई इस योजना के तहत आगामी वित्तीय वर्ष 2026 से प्रत्येक पंजीकृत श्रमिक को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों की रोजगार गारंटी। योजना के प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण मजदूरों को न्यूनतम आय सुरक्षा प्रदान करना जिससे बेरोजगारी, पलायन और आर्थिक अस्थिरता को कम करना है। इसके साथ ही साथ मनरेगा श्रमिकों को मनरेगा के तहत रोजगार के अवसर, समय पर भुगतान और श्रमिकों के अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। मनरेगा अंतर्गत संपादित कार्यों का सामाजिक अंकेक्षण के तहत कार्यों का भौतिक सत्यापन योजना की पारदर्शिता और जवाबदेही तय करने की जानकारी दी गई। डिजिटल पारदर्शिता के तहत ग्रामीणों ने अपने मोबाइल के माध्‍यम से QR-Code स्कैन के माध्यम से मनरेगा के कार्यों की प्रगति की जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों ने हितग्राहियों से सीधा संवाद किया और उनकी समस्याओं के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। प्रचार-प्रसार हेतु ग्राम पंचायतों में VBG R-RAM-G का पांप्‍लेट वितरण एवं दीवार लेखन के माध्यम से योजनाओं की जानकारी दी गई ताकि अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंच सके। शासन की मंशा के अनुरूप रोजगार और आवास जैसी मूलभूत सुविधाओं को सुलभ बनाना ही प्राथमिकता है।

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