बालोद में NH विभाग की लापरवाही: रोड डिवाइडर बना लोगों के लिए मुसीबत, स्कूल-स्टेडियम मार्ग बाधित….

बालोद | 23 मार्च 2026 बालोद शहर में इन दिनों NH विभाग द्वारा तांदुला नदी से लेकर कॉलेज तक बनाए जा रहे रोड डिवाइडर के निर्माण कार्य को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि डिवाइडर निर्माण बिना उचित योजना और जनसुविधा को ध्यान में रखे किया जा रहा है, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

🚧 जरूरी स्थानों पर नहीं छोड़ा गया मार्ग
बताया जा रहा है कि जिस मार्ग पर डिवाइडर बनाया जा रहा है, उसी रास्ते से सरयू प्रसाद अग्रवाल स्टेडियम, सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल, आरएसएस भवन और माहेश्वरी समाज द्वारा निर्मित महेश्वरी भवन स्थित हैं। इन महत्वपूर्ण स्थलों के लिए लोगों की आवाजाही लगातार बनी रहती है, लेकिन डिवाइडर में आवश्यक स्थानों पर ब्रेक (कट) नहीं छोड़ा गया है।
इस कारण स्कूल के बच्चों, खेलकूद गतिविधियों में भाग लेने वाले युवाओं और सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल होने वाले लोगों को आने-जाने में बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।

*बच्चों और आयोजनों पर पड़ेगा सीधा असर*
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि स्टेडियम में स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस और विभिन्न खेलकूद कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित होते हैं। वहीं, महेश्वरी भवन में आए दिन विवाह और अन्य सामाजिक कार्यक्रम संपन्न होते हैं। ऐसे में डिवाइडर के कारण इन स्थानों तक पहुंचना कठिन हो जाएगा, जिससे आमजन को अनावश्यक परेशानी झेलनी पड़ेगी।

*शिकायत के बावजूद नहीं हुई सुनवाई*
इस संबंध में स्थानीय लोगों द्वारा प्रशासन से शिकायत भी की गई, लेकिन आरोप है कि अधिकारियों और कर्मचारियों ने इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया। लोगों का कहना है कि अफसरशाही इतनी हावी हो गई है कि जनता की आवाज को अनसुना कर मनमाने तरीके से कार्य किया जा रहा है।

*धूल से ढकी नई सड़क, हादसे का खतरा*
मामले का एक और चिंताजनक पहलू यह है कि हाल ही में बनाई गई नई सड़क भी धूल से पट चुकी है। सड़क का आधे से ज्यादा हिस्सा धूल की मोटी परत से ढका हुआ है, जिससे दृश्यता कम हो रही है और दुर्घटना का खतरा लगातार बना हुआ है।
जनप्रतिनिधि भी साधे हुए हैं मौन
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस गंभीर समस्या पर जनप्रतिनिधि भी चुप्पी साधे हुए हैं, जिससे जनता में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

*“क्या प्रशासन किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रहा है?”*
लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो भविष्य में बड़ी दुर्घटना हो सकती है। ऐसा प्रतीत होता है कि प्रशासन किसी बड़ी घटना के बाद ही जागेगा।




