
बालोद, 18 जनवरी। छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के उपाध्यक्ष यज्ञदत्त शर्मा ने शनिवार को राजनांदगांव महुआ प्रसंस्करण व संजीवनी विक्रय केंद्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कच्चे वन उत्पादों से विभिन्न प्रकार की निर्माण कार्यविधि का अवलोकन किया। साथ ही समूह की महिलाओं से बात भी की। इस दौरान योगेन्द्र गंडेचा उप प्रबंध संचालक जिला यूनियन राजनांदगांव, देवेश जंघेल, मैनेजर (महुआ प्रसंस्करण केन्द्र), निलेश चक्रधारी, मैनेजर (लाख), जय मां फिरनतीन महिला स्व सहायता समूह की सचिव भारती यादव, कोषाध्यक्ष शीतल यादव, सदस्यगण मीना यादव, पूजा सिन्हा, रश्मि यादव, रमेश्वरी, निधि यादव, अनिता, रंजन कुलदीप आदि मौजूद रहे।

महुआ से एनर्जी बार, बिस्कुट और लड्डू जैसे पौष्टिक उत्पाद;
राजनांदगांव में गौरव पथ पर एक महुआ प्रसंस्करण केंद्र है, जहां स्व सहायता समूह की महिलाएं महुआ से एनर्जी बार, बिस्कुट और लड्डू जैसे पौष्टिक उत्पाद बना रही हैं, जिससे पारंपरिक महुआ के उपयोग की धारणा बदल रही है और महिलाओं को रोजगार मिल रहा है।
अर्जुन वृक्ष के छाल से महिलाएं बना रही चाय;
यहां समूह की महिलाएं अर्जुन की छाल से ‘चाय’ बना रही है। यह चाय एक आयुर्वेदिक पेय है, जो विशेष रूप से हृदय स्वास्थ्य के लिए अत्यंत गुणकारी है। यह न केवल हृदय की मांसपेशियों को मजबूत करती है, बल्कि कोलेस्ट्रॉल और हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में भी सहायक है।

सेहत को बेहतर बनाने के लिए किया नवाचार;
सेहत की दिशा में प्रबंध संचालक आयुष जैन ने नवाचार करते हुए आम नागरिकों को अर्जुन की छाल से बनी चाय पिलाने की व्यवस्था प्रारंभ की। बता दे कि अर्जुन की छाल और सोंठ वाली चाय एक बेहतरीन आयुर्वेदिक उपाय है, जो हार्ट हेल्थ, पाचन तंत्र और मानसिक शांति को बढ़ावा देने में मदद करती है। इसके नियमित सेवन से कई स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं। अर्जुन की छाल एक ऐसी प्रभावशाली औषधि है, जो सर्दियों में खासतौर पर लाभकारी होती है।
महिलाओं की तरक्की देखकर जताई खुशी;
उपाध्यक्ष यज्ञदत्त शर्मा ने बताया कि छत्तीसगढ़ हर्बल ब्राण्ड से इन उत्पादों की मार्केंटिंग एवं विक्रय का कार्य राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा राजनांदगांव के छत्तीसढ़ हर्बल संजीवनी विक्रय केन्द्र के माध्यम से किया जा रहा है। राज्य के विभिन्न वनमण्डलों, जिला यूनियनों के स्व-सहायता समूहों के माध्यम से निर्मित प्रमुख उत्पादों का विक्रय यहां किया जा रहा है। शर्मा ने कच्चे पदार्थों और प्रसंस्कृत पदार्थों के स्टोरेज, पैकिंग और निर्माण विधि का भी अवलोकन किया। श्री शर्मा ने समूह की महिलाओं की तरक्की देखकर खुशी जताई तथा आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
सीएम की दूरदर्शी सोच और पहल ने महुआ को खाद्य सामग्री से जोड़ा;
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की दूरदर्शी सोच और पहल ने महुआ को शराब से हटाकर पोषण और खाद्य सामग्री से जोड़ दिया है। राज्य में हुए नवाचार से अब महुआ से कई अन्य पौष्टिक खाद्य सामग्री बनने लगी है। जिससे महुआ की छवि अब धीरे-धीरे बदल रही है। उपाध्यक्ष शर्मा का कहना है कि महुआ और मिलेट्स जैसे पारंपरिक उत्पादों को आधुनिक विज्ञान और नवाचार के साथ जोड़कर विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह और नगर निगम के महापौर मधुसूदन यादव जिले की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के साथ-साथ पोषण और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी छत्तीसगढ़ का योगदान बढ़ा रहे हैं।




