छत्तीसगढ़बालोद

*लाखों की लागत से निर्मित अटल परिसर में स्थापित अटल जी की प्रतिमा पर दिखने लगीं दरारें, गुणवत्ता और रखरखाव को लेकर उठे गंभीर सवाल*

*लाखों की लागत से निर्मित अटल परिसर में स्थापित अटल जी की प्रतिमा पर दिखने लगीं दरारें, गुणवत्ता और रखरखाव को लेकर उठे गंभीर सवाल*™

 

बालोद। जनहित के मुद्दों को लगातार प्रमुखता से उठाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता उमेश कुमार सेन ने एक बार फिर शहर से जुड़े महत्वपूर्ण विषय को सामने लाया है। इस बार मामला बालोद शहर के जय स्तंभ चौक स्थित अटल परिसर में स्थापित पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा से जुड़ा है।

उमेश कुमार सेन ने बताया की प्रतिमा के कई हिस्सों पर दरार जैसी स्थिति दिखाई दी। उपलब्ध तस्वीरों में प्रतिमा की सतह पर महीन एवं कुछ स्थानों पर स्पष्ट दरारें नजर आ रही हैं। यदि ये दरारें वास्तविक संरचनात्मक क्षति का संकेत हैं, तो यह विषय गंभीर तकनीकी परीक्षण की मांग करता है।

बताया जाता है कि अटल परिसर और प्रतिमा के निर्माण पर लाखों रुपये की राशि व्यय की गई थी। ऐसे में निर्माण के अपेक्षाकृत कम समय में प्रतिमा पर इस प्रकार के निशान दिखाई देना स्वाभाविक रूप से निर्माण गुणवत्ता, उपयोग की गई सामग्री, तकनीकी मानकों तथा रखरखाव व्यवस्था को लेकर प्रश्न खड़े करता है।

हालांकि, इन दरारों के वास्तविक कारणों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। यह निर्माण संबंधी तकनीकी कारणों, सामग्री के प्राकृतिक गुण, तापमान के प्रभाव अथवा अन्य कारणों से भी हो सकती हैं। इसलिए किसी भी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार का निष्कर्ष केवल सक्षम तकनीकी जांच के बाद ही निकाला जाना उचित होगा।

उमेश कुमार सेन ने संबंधित विभाग एवं नगर पालिका से मांग की है कि प्रतिमा का तकनीकी निरीक्षण, गुणवत्ता परीक्षण तथा भौतिक सत्यापन शीघ्र कराया जाए। यदि जांच में निर्माण कार्य में गुणवत्ता की कमी, लापरवाही या किसी प्रकार की वित्तीय अथवा तकनीकी अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित जिम्मेदार पक्ष के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

यह केवल एक प्रतिमा का विषय नहीं, बल्कि जनधन से निर्मित सार्वजनिक संपत्तियों की गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही से जुड़ा मामला है। समय रहते जांच और आवश्यक मरम्मत होने से प्रतिमा की गरिमा सुरक्षित रखने के साथ-साथ भविष्य में किसी संभावित क्षति से भी बचा जा सकेगा।

उमेश कुमार सेन ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति या संस्था पर आरोप लगाना नहीं, बल्कि जनहित से जुड़े मुद्दों को जिम्मेदारीपूर्वक सामने लाना है, ताकि संबंधित विभाग तथ्यात्मक जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित कर सके। जनहित के ऐसे प्रत्येक विषय को आगे भी पूरी जिम्मेदारी और निष्पक्षता के साथ उठाया जाता रहेगा।

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