पहले सड़क-नाली बन गई, अब निकला टेंडर! वार्ड 17 में निर्माण कार्यों पर उठे सवाल
नगर पालिका का ‘टाइम मशीन मॉडल’ चर्चा में, वार्ड 17 में तैयार कामों पर बाद में जारी हुई निविदा
बालोद — नगर पालिका के कार्यों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। मामला वार्ड क्रमांक 17 का है, जहां जिन निर्माण कार्यों के लिए हाल ही में टेंडर जारी किया गया है, वे कार्य पहले से ही मौके पर बने हुए दिखाई दे रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासनिक प्रक्रिया और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, नगर पालिका द्वारा टेंडर क्रमांक 427 दिनांक 15 अप्रैल 2026 को जारी किया गया। इसमें दो प्रमुख कार्य शामिल हैं — RCC नाली निर्माण जिसकी अनुमानित लागत 1.64 लाख रुपये बताई गई है तथा CC रोड निर्माण जिसकी लागत 2.05 लाख रुपये निर्धारित की गई है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिन कार्यों के लिए अब निविदा प्रक्रिया शुरू की जा रही है, वे निर्माण कार्य पहले ही पूरे किए जा चुके हैं। वार्ड में सड़क और नाली मौके पर बनी हुई दिखाई दे रही है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर बिना टेंडर प्रक्रिया पूरी हुए निर्माण कार्य कैसे संपन्न हो गए।
मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर तेज है। लोगों का कहना है कि सामान्य प्रक्रिया के तहत पहले टेंडर जारी होता है, फिर वर्क ऑर्डर और उसके बाद निर्माण कार्य कराया जाता है। लेकिन यहां पूरी प्रक्रिया उलटी नजर आ रही है।
विपक्षी नेताओं और स्थानीय नागरिकों ने इस मामले की जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि निर्माण कार्य पहले ही करा दिए गए थे, तो बाद में टेंडर जारी करने का औचित्य क्या है। वहीं यह भी सवाल उठ रहा है कि क्या नियमों को दरकिनार कर पहले से तय ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
हालांकि, इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से अब तक कोई स्पष्ट जवाब सामने नहीं आया है। प्रशासनिक चुप्पी के कारण संदेह और गहराता जा रहा है।
अब देखना यह होगा कि नगर पालिका इस पूरे मामले में क्या स्पष्टीकरण देती है और क्या उच्च अधिकारी इस कथित अनियमितता की जांच कराते हैं या नहीं।

