
सरकारी बोर्ड उखाड़कर बना डाली अवैध सड़क, बिना अनुमति नगर पालिका मार्ग से जोड़ा गया रास्ता
बालोद – बालोद नगर पालिका क्षेत्रअंतर्गत अवैध प्लाटिंग का खेल जारी है नगर पालिका प्रशासन भी इस खेल मे मुकदर्शक बना नजर आ रहा है ऐसा ही नगर क्षेत्र में कथित रूप से एक गंभीर अनियमितता सामने आई है, जिस प्रतिबंधित एवं विवादित भूमि पर नगर पालिका अधिकारी के नाम से चेतावनी बोर्ड लगाया गया था, उस बोर्ड को हटाने के बाद वहां अवैध प्लॉटिंग और भू-उपयोग परिवर्तन की गतिविधियां तेज हो गईं।
अब आरोप है कि बिना सक्षम अनुमति, बिना स्वीकृत तकनीकी ले-आउट और बिना किसी ट्रैफिक सर्वे के एक नया रास्ता सीधे नगर पालिका के मौजूदा मार्ग से जोड़ दिया गया है।
यदि बिना स्वीकृत ले-आउट, बिना ट्रैफिक सर्वे और बिना अनुमति के नगर पालिका मार्ग से नया रास्ता जोड़ा जा सकता है, तो फिर नगर नियोजन और नगर पालिका अधिनियम के नियमों का पालन आखिर कौन करेगा? वैसे भी नगर पालिका के हर नियमों को ताक पर रखकर कार्य किये जा रहे हैँ
अब सवाल यह उठने लगा है की यदि भूमि पर पहले से प्रतिबंध और चेतावनी लागू थी, तो सड़क निर्माण कैसे शुरू हो गया? नगर पालिका के मार्ग से नया रास्ता जोड़ने की अनुमति किसने दी? क्या इस निर्माण के लिए कोई स्वीकृत ले-आउट, नक्शा या तकनीकी अनुमोदन उपलब्ध है? यदि अनुमति नहीं है, तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई कब होगी?



