बालोद की धरोहर में फिर सुरक्षित लौटा कछुआ, टीम ने की सुख-समृद्धि की कामना
बालोद। आज दिनाँक 20/2/2026 को शहर की पहचान और ऐतिहासिक धरोहर माने जाने वाले प्राचीन गंगा सागर तालाब की साफ-सफाई के दौरान एक कछुआ बाहर निकला, जिसे सफाई कार्य पूर्ण होने के पश्चात विधिवत निरीक्षण के दौरान पुनः तालाब में सुरक्षित छोड़ दिया गया। इस अवसर पर तालाब के निरीक्षण के दौरान नगर पालिका परिषद बालोद की अध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा संतोष चौधरी एवं उनकी टीम ने बालोदवासियों की सुख, शांति और समृद्धि की कामना भी की।

जानकारी के अनुसार, गंगा सागर तालाब की साफ-सफाई का कार्य नगर की स्वच्छता, सौंदर्यीकरण और जल स्रोत संरक्षण को ध्यान में रखते हुए किया गया। सफाई के दौरान तालाब से निकले कछुए को सुरक्षित रखा गया था, ताकि कार्य पूर्ण होने के बाद उसे बिना किसी नुकसान के उसके प्राकृतिक आवास में वापस छोड़ा जा सके। कार्य समाप्ति उपरांत संबंधित निरीक्षण के दौरान जनप्रतिनिधि और उनकी टीम ने पूरे विधि-विधान और संवेदनशीलता के साथ कछुए को पुनः तालाब में छोड़ा।

निरीक्षण के दौरान मौजूद टीम ने यह संदेश भी दिया कि विकास और सफाई कार्यों के साथ पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना समय की सबसे बड़ी जरूरत है। तालाबों, जल स्रोतों और उनमें निवास करने वाले जीव-जंतुओं का संरक्षण समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। गंगा सागर तालाब से निकले कछुए को पुनः सुरक्षित छोड़ने की इस पहल को स्थानीय स्तर पर संवेदनशील और सराहनीय कदम के रूप में देखा जा रहा है।

इस अवसर पर यह भी कहा गया कि नगर की ऐतिहासिक और प्राकृतिक धरोहरों की सुरक्षा के लिए भविष्य में भी इसी प्रकार संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया जाता रहेगा, ताकि बालोद शहर की पहचान, स्वच्छता और पर्यावरणीय संतुलन बना रहे।
*हमने बनाया हैं*
*हम ही संवारेंगे।*




