एक काम, दो बार स्वीकृति! विभाग में ‘डबल गेम’ से मचा हड़कंप
बालोद — सरकारी खजाने में सेंध लगाने के लिए भ्रष्टाचार के खिलाड़ी नए-नए तरीके ईजाद कर रहे हैं। ताज़ा मामला एक ही निर्माण कार्य के लिए दो बार तकनीकी स्वीकृति (TS) और दो बार प्रशासकीय स्वीकृति (AS) जारी करने का सामने आया है। इस ‘डबल गेम’ ने विभाग के भीतर मचे बंदरबांट को सार्वजनिक कर दिया है।
नियमों की धज्जियां, फाइलों का मायाजाल
आमतौर पर किसी भी प्रोजेक्ट का एक ही एस्टीमेट बनता है, लेकिन यहाँ एक ही काम के लिए दो अलग-अलग फाइलें तैयार की गईं। जानकारों की मानें तो यह दोहरी फंडिंग का स्पष्ट मामला है। जब काम एक ही जगह पर होना है, तो उसके लिए दो बार तकनीकी मूल्यांकन क्यों किया गया? यह सवाल अब विभाग के गले की फांस बन गया है।
क्या कहता है नियम?
अवैध प्रक्रिया: एक ही काम पर दोबारा स्वीकृति लेना पूरी तरह गैर-कानूनी है।
ऑडिट की मार: यह मामला ऑडिट में भारी वित्तीय अनियमितता के रूप में दर्ज होगा।
जवाबदेही: संबंधित अधिकारियों पर रिकवरी और विभागीय जांच की गाज गिरना तय माना जा रहा है।
अब देखना यह होगा कि इस भ्रष्टाचार के ‘विलेन’ पर शासन क्या कार्रवाई करता है या फिर फाइलें रद्दी के ढेर में दबा दी जाएंगी।
विकल्प 2: व्यंग्यात्मक और तीखा (Analytical Style)
’एक काम के दो बाप’: सरकारी विभाग में दोहरा भ्रष्टाचार, एक ही प्रोजेक्ट पर दो-दो बार मंजूरी!
बड़ा सवाल: क्या यह केवल चंद अधिकारियों की मिलीभगत है या इसके तार ऊपर तक जुड़े हैं? क्या सरकार इस मामले में रिकवरी के आदेश देगी?



