*सैय्या भये कोतवाल तो डर काहे का,,,एक तरफ प्रशासन हटवा रही अतिक्रमण दूसरी तरफ खुलेआम हो रहा कब्ज़ा,,,, क्या अंधी, बहरी और गूंगी हो गयी पालिका प्रशासन*

*सैय्या भये कोतवाल तो डर काहे का,,,एक तरफ प्रशासन हटवा रही अतिक्रमण दूसरी तरफ खुलेआम हो रहा कब्ज़ा,,,, क्या अंधी, बहरी और गूंगी हो गयी पालिका प्रशासन*
बालोद,, बालोद नगर पालिका और जिला प्रशासन के संयुक्त कार्यवाही से दो दिन पहले बालोद के सदर बाजार को अतिक्रमण मुक्त करने की कार्यवाही हुई हर तरफ इसकी चर्चा थी परन्तु वहीं रामदेव चौक के पास एक मकान निर्माण करता इन सबको खुलेआम चुनौती देते हुए आम रास्ता मे कब्ज़ाकरीत हो रहा है जहाँ से लोगो का थोड़ा बहुत भीड़भाड़ होने से आवागमन हो जाता था अब वहां से पैदल चलना भी मुश्किल हो जायेगा आसपास के लोगो मे इस बात को लेकर आक्रोश भी है पर शिकायत करने मे कोई रूचि नहीं दिखा रहे हैँ वहीं मकान निर्माण हेतु विधिवत आदेश देने के बाद नगर पालिका अंधी गूंगी और बहरी हो जाती है ऐसा लोगो का कहना है क्योंकि मकान निर्माण प्रारम्भ होने से पूर्ण होने तक कभी निर्माण शाखा मे कुर्सी जमाये बैठे कर्मचारी कब्ज़ा एवं निर्माण देखने नहीं जाते इसके चलते बालोद नगर के हर गली मोहल्ला कालोनी मे बने मकान का सीढ़ी या चबूतरा शासकीय जमीन पर बन रहा है बालोद नगर पालिका की नींद टूटने का नाम नहीं ले रही है इससे चौड़ी गली भी अब संकरी होने लगी है कुछ लोग तो घर के बाहर सड़को मे अपना निजी बोर करवा लिए हैँ यह वही कहावत को चरितार्थ करती है की सैय्या भये कोतवाल तो डर काहे का खैर बात जो भी हो पर रामदेव चौक मे बिजली विभाग के ट्रांसफर्मर के निकट यह कब्ज़ा पालिका प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के लिए चुनौती साबित हो रहा है अब देखना है की किसकी नींद पहले खुलती है और कौन पहले कब्ज़ा खाली कराता हैँ वैसे खबर लिखें जाने तक दिवार की ऊँचाई कम हुई है पर कब्ज़ा तो अभी भी जमाये हुए हैँ



