बालोद नगर पालिका में एक बार फिर अनियमितता देखने को मिल रही है।पुरा मामला प्लेसमेंट कर्मचारियों के टेंडर को लेकर है,

बालोद नगर पालिका में आवश्यकता के नाम पर नियम विपरीत कार्य अनवरत जारी है । pic को जहाँ अधिकतम तीस लाख रुपये तक के कार्यो को अनुमोदन का अधिकार प्राप्त है और उससे अधिक राशि के लिए परिषद दल के अनुमोदन की आवश्यकता होती है किंतु बालोद नगर पालिका में एक बार फिर अनियमितता देखने को मिल रही है।पुरा मामला प्लेसमेंट कर्मचारियों के टेंडर को लेकर है,
वर्तमान में जिस टेंडर के आधार पर भुगतान किया जा रहा है दरअसल वो टेंडर वर्ष 2024 में हुआ था जो की मार्च 2025 में समाप्त हो चुका था जिसके पश्चात पुनः नई निविदा हो जानी थी जो आज तक नहीं हुई है,जो की एक बड़ी प्रशासनिक चूक तो है ही साथ ही नगर सरकार की भी बड़ी भूल मानी जाएगी कहीं अप्रत्यक्ष रूप से वर्तमान एजेंसी को लाभ पहुचाने के नियत से भी ऐसा करने से इनकार नहीं किया जा सकता!
वर्तमान में निविदा प्रक्रियाधिन बताई जा रही है,ऐसे में कर्मचारियों के भुगतान के लिए उचित वित्तीय एवं प्रशासकीय स्वीकृति की आवश्यकता होती है जिसका परिपालन करते हुए भुगतान किया जाना था,मगर सारे नियम कानून को ताक पर रखते हुए बालोद पालिका के अधिकारी कर्मचारी एवं pic के सदस्यो द्वारा अपनी मनमर्जी करते हुए उचित प्रक्रिया को दरकिनार कर नियम विपरीत निर्णय लिया गया ! परिषद में विपक्ष के पार्षद एकदम चुप हैं क्या उनको नियम की जानकारी का आभाव है या बैक डोर से pic को मौन समर्थन दे रहे हैं !
शहर के प्रगति एवं विकास के लिए एक स्वस्थ सरकार के साथ साथ मजबूत सशक्त एवं जानकार विपक्ष का होना अत्यंत आवश्यक है जो बालोद नगर पालिका में देखने को नहीं मिल रहा है!




