बालोद नपा में समय ठहर गया है! साल 2026 में भी चल रहा 2023 का कैलेंडर, ‘टाइम ट्रैवल’ का अनूठा कारनामा

बालोद। पूरी दुनिया चिल्ला रही है कि साल 2026 चल रहा है, लेकिन धन्य है हमारी बालोद नगर पालिका! यहां के ‘साहेब’ लोग इतने संस्कारी और अतीत से इतने गहरे जुड़े हैं कि वे 2023 को छोड़ने को तैयार ही नहीं हैं।
वैज्ञानिकों ने समय में पीछे जाने की मशीन भले न बनाई हो, लेकिन बालोद नपा के अधिकारियों ने यह चमत्कार कर दिखाया है। यहां आज भी फ्लैक्स और बैनर की छपाई वित्तीय वर्ष 2023-24 के रेट पर हो रही है।
दो साल बीत गए, बाजार में छपाई के दाम बदल गए, दुनिया कहां से कहां पहुंच गई, लेकिन नपा का टेंडर टस से मस नहीं हुआ। इस टेंडर को ‘इच्छा मृत्यु’ का वरदान प्राप्त है, जब तक ‘साहेब’ न चाहें, यह टेंडर मर नहीं सकता।
सुना है कि सरकार ने कोई ‘छत्तीसगढ़ भंडार क्रय नियम’ नाम की किताब बनाई है, जिसमें लिखा है कि हर साल नई दरें तय कीजिये ताकि सरकारी खजाना न लुटे। लेकिन बालोद नपा इस किताब को ‘कॉमेडी सर्कस’ की स्क्रिप्ट समझते हैं।
इसे कहते हैं—इतिहास खुद को दोहराता नहीं है, ‘साहेब’ लोग उसे टेंडर के जरिए जबरन खींच कर रखते हैं!
