*नगर पालिका के मुख्य द्वार पर ताला ये कैसा सुशासन ये कैसी व्यवस्था लोग भटकने को मजबूर*
नगर पालिका में 'तालाबंदी': सुशासन के दावों के बीच जनता के अधिकारों पर जड़ा ताला

बालोद – नगर पालिका में ‘तालाबंदी’: सुशासन के दावों के बीच जनता के अधिकारों पर जड़ा ताला आम जनता को राहत देने और दफ्तरों में सुशासन का दावा करने वाली सरकार के बीच स्थानीय नगर पालिका में एक अजीब और हैरान करने वाला नजारा देखने को मिल रहा है।
पालिका परिसर का वह मुख्य चैनल गेट, जो सीधे सीएमओ चैंबर, राशन कार्ड शाखा, संपत्ति कर विभाग, जन्म-मृत्यु पंजीकरण, आवक-जावक और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े विभागों को जोड़ता है, वहां ताला जड़ दिया गया है।
इस मनमाने रवैये के कारण अपनी छोटी-बड़ी समस्याओं को लेकर शहर के 20 वार्ड से आने वाले आम नागरिक, बुजुर्ग और महिलाएं दफ्तर के बाहर भटकने को मजबूर हैं।
एक तरफ सरकार हर मंच से यह दावा करती है कि प्रशासनिक व्यवस्था को पारदर्शी, सुलभ और जन-हितैषी बनाया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर, नगर पालिका के भीतर विभागों के मुहाने पर ताला लगा देना सीधे तौर पर तानाशाही रवैये को दर्शाता है।
जनता यह सवाल पूछ रही है कि आखिर किसके आदेश पर और किस डर से इस सार्वजनिक रास्ते को बंद किया गया है इसके पहले कभी यह रास्ता बंद नहीं होता था


