बालोद-जहा शहरों की पहचान अच्छी सड़को, व्यवस्थित यातायात सुविधाओ,सुंदर तालाबों,और पार्को से होती है तो वहीं अब बालोद शहर की पहचान नया बस स्टैंड से होने लगी है जो इन दिनों तालाब में तब्दील हो गया है जी हां आपको बता दें के बालोद बस स्टैंड से लगे राष्ट्रीय राजमार्ग 930 पर जलनिकासी की गंभीर समस्या सामने आई है। पहले यहां पानी की निकासी पुल के माध्यम से होती थी, लेकिन नेशनल हाईवे अधिकारियों ने पुल की जगह पाइप डाल दिया। कचरा और मिट्टी फंसने से पाइप जाम हो गया है जिससे नालियों का पानी बस स्टैंड में भरने लगा और पूरा परिसर तालाब में तब्दील हो गया। वहीं नगरपालिका द्वारा नालियों का नियमित सफाई नहीं करने के कारण नालियों में जाम की स्थिति बनी रहती है।

बालोद शहर में ट्रिपल इंजन की सरकार है पर यहां विकास के दावे फेल होते नजर आ रहे हैं दो दिन पुर्व नगरपालिका अध्यक्ष सहित सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधि एवं भाजपा के नेता सड़क में उतर कर राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों के खिलाफ आंदोलन कर अपना पल्ला झाड़ते हुए नजर आए उनका कहना था के राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों की लापरवाही से ये स्थिति निर्मित हुई है तो वहीं दुसरी तरफ अब तक व्यापारियों की समस्या दुर नहीं हुई है जिनसे उनके व्यापार में दिक्कते आ रही है कुल मिलाकर आगे ये देखना होगा के ट्रिपल इंजन की सरकार शहरवासियों की समस्या कब तक दुर करती है।

सबसे महत्वपूर्ण बात बालोद शहर में जनचर्चा का विषय ये है कि अपने ही सरकार में भाजपा के नेताओं एवं जनप्रतिनिधियों की सुनवाई नहीं हो रही है इसलिए सड़क में उतकर उन्हें आंदोलन कर अपने मौजूद होने का अहसास कराना पड़ रहा है।ये आंदोलन अधिकारियों के खिलाफ जरूर था पर कहीं ना कहीं भाजपा नेताओं के ऐसे विरोध प्रदर्शन से सरकार की छवि पर भी आंच आई है।



