मंडी विभाग में टेंडर का ‘खेला’: पहले आने वाला अटका, बाद वाला खुला… फिर भी दर स्वीकृति पर क्यों लगा ‘अघोषित ब्रेक’?

BALOD कृषि उपज मंडी में इन दिनों निविदा प्रक्रियाओं को लेकर नियम-कायदों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
किसानों की सुविधाओं के लिए होने वाले विकास कार्यों में पारदर्शिता का दम भरने वाले इस विभाग में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरी टेंडरिंग प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विभाग द्वारा जारी एक महत्वपूर्ण निविदा को नियमानुसार दिनांक 11.06.2026 को खोला जाना तय था। लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि यह टेंडर आज तक (जुलाई का महीना चल रहा है) नहीं खोला जा सका है।
इसी बीच, जो टेंडर बाद में यानी दिनांक 24.06.2026 को खुलना था, उसे तत्परता दिखाते हुए खोल भी दिया।
कहानी में असली ट्विस्ट 24 जून को खुले टेंडर के बाद आता है। नियमों के मुताबिक, टेंडर खुलने के बाद दरों की समीक्षा कर तुरंत दर स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी की जानी चाहिए।
लेकिन यह टेंडर खुलने के इतने दिनों बाद भी दर स्वीकृति की फाइल मंडी सचिव और जिम्मेदार अधिकारियों की टेबल पर धूल खा रही है।



