
दो बार GeM फेल, तीसरी बार मैनुअल… फिर भी 4 दिन से पेटी बंद: यह लापरवाही नहीं, इशारों का खेल है साहेब!
नगर पालिका परिषद बालोद में काऊ कैचर ट्रेलर की खरीद अब केवल प्रशासनिक लेटलतीफी नहीं, बल्कि एक सुनियोजित चक्रव्यूह नजर आने लगी है।
आम जनता भले इसे अफसरों की सुस्ती समझे, लेकिन समझ रखने वाले जानते हैं कि जब प्रक्रिया दो बार राष्ट्रीय पोर्टल से फिसलकर सीधे डाक के बंद लिफाफों तक पहुंचे और फिर तय तारीख पर बक्सा ही न खुले, तो इसके पीछे के इशारे क्या होते हैं।
सबसे हैरतअंगेज पहलू यह है कि केंद्र, राज्य और निकाय में एक ही धारा की सरकार है, लेकिन 8.40 लाख के इस छोटे से टेंडर में चल रहे बड़े खेल पर जिम्मेदारों की जुबान पर ताला लगा है।
सड़कों पर बेजुबान गौमाता वाहनों से कट रही है, लोग हादसों में जान गंवा रहे हैं, पर काऊ कैचर के नाम पर फाइलों में जो बंदरबांट की पृष्ठभूमि लिखी जा रही है, उस रहस्य को समझने की फुरसत किसी को नहीं है।
अधीक्षण अभियंता ने स्पष्ट लिखा था कि Non-SOR होने के कारण कवरिंग लेटर के सख्त वित्तीय निर्देशों का पालन हो। उन दिशा-निर्देशों को दरकिनार कर मैनुअल रास्ता चुनना ही बताता है कि जमीन किसी खास खिलाड़ी के लिए तैयार की गई है।



