
मनमाने कार्य विभाजन आदेश के खिलाफ मोर्चा: संवर्ग नियमों की अनदेखी पर संचालक से शिकायत, उच्चस्तरीय जांच की मांग
सेवा संवर्ग के स्थापित नियमों, भर्ती शर्तों और प्रशासनिक मर्यादाओं को ताक पर रखकर जारी किए गए आंतरिक कार्य विभाजन आदेश के खिलाफ विरोध के सुर तेज हो गए हैं।
इस आदेश को छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम, 1961 और संवर्ग व्यवस्था के विपरीत बताते हुए नगरीय प्रशासन के संचालक को पत्र भेजकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है।
पत्र में मांग की गई है कि इस मनमाने आदेश की तत्काल जांच कराकर इसे निरस्त किया जाए और सभी कर्मचारियों को उनके संवर्ग व मूल पद के दायित्वों के अनुसार ही काम सौंपा जाए, ताकि शहर की सफाई व्यवस्था और पालिका के राजस्व दोनों को नुकसान से बचाया जा सके।
- सफाई दरोगा (सैनिटरी जमादार) का पद विशुद्ध रूप से फील्ड संवर्ग का है। भर्ती नियमों और नियुक्ति आदेश के अनुसार इनका प्राथमिक कर्तव्य प्रतिदिन सुबह 6 बजे से वार्डों में उपस्थित रहकर सफाई मित्रों की हाजिरी, कचरा गाड़ियों के रूट, नालियों की सफाई और डंपिंग यार्ड तक कचरे के परिवहन की प्रत्यक्ष निगरानी करना है।




