छत्तीसगढ़बालोद

बालोद नगर पालिका में गजब इंजीनियरिंग! पहले एस्टीमेट बना,फिर हुआ टेंडर और बाद में ढूंढी गई जमीन,

पहले मनमर्जी इस्टीमेट फिर टेंडर और फिर सब कुछ हो जाने के बाद जगह चयन और उसके लिए अनापत्ति बालोद पालिका में गजबे है

सूत न कपास, कोरी से लट्ठम-लठ्ठा: बालोद नपा की गजब इंजीनियरिंग! पहले एस्टीमेट बना, फिर हुआ टेंडर और बाद में ढूंढी गई जमीन

कहते हैं— घोड़ा खरीदने से पहले तबेला देखा जाता है, लेकिन नगर पालिका परिषद बालोद की अनोखी कार्यप्रणाली पर यह कहावत सटीक बैठती है कि सूत न कपास, कोरी से लट्ठम-लठ्ठा।

नगर पालिका के इंजीनियरों और योजनाकारों ने नियम-कायदों की ऐसी उल्टी गंगा बहाई है, जिसे देखकर तकनीकी जगत भी अपना सिर पकड़ ले।

​मामला शहर के एकमात्र ऐतिहासिक सरदार पटेल मैदान में क्रिकेट बॉक्स (टर्फ) निर्माण का है। नगर पालिका के तकनीकी अमले का कहना है कि—

एनओसी मिलने के बाद ही सरदार पटेल मैदान को फाइनल कर काम शुरू कराने वर्क ऑर्डर जारी हुआ था। क्या बिना जमीन देखे ही टेबल पर बैठकर एस्टीमेट बना दिया गया था?

साहब का यह बयान सामने आते ही चर्चा छिड़ गई है कि निकाय प्रशासन विकास कर रहा है या नियमों का मखौल उड़ा रहा है?

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