
बालोद । झलमला से शेरपाल तक बनी राष्ट्रीय राजमार्ग 930 शुरुवाती दिनों से ही किसी ना किसी कारण समस्या और विवादग्रस्त बनी हुई है बालोद के तांदुला पुल से लेकर मुस्लिम कब्रिस्तान तक इस सड़क के दोनों तरफ जमी धूल और रेत के कारण सड़कों की चौड़ाई प्रधानमंत्री ग्राम सड़क की तरह दिखाई देने लगी है इस धूल और रेत से लोग परेशान है उन्हें इस जमे परत पर गाड़ी के फिसलने और घायल होने का डर सताने लगा है वहीं इस मार्ग पर गंजपारा में रहने और व्यवसाय करने वालो के साथ भी उड़ते धूल और रेत के कारण समस्या गंभीर बनी हुई है नेशनल हाईवे सड़क विभाग का इस ओर ध्यान क्यों नहीं है समझ से परे लगता है वहीं उच्च अधिकारियों का भी इस मार्ग से आवाजाही लगे रहती है बावजूद इसके ऐसी लापरवाही का होना भी लोगो में आक्रोश का एक कारण बनता जा रहा है वहीं मकान निर्माण करने वाले भी अपने मकान निर्माण सामग्री को यूंही छोड़ दिए हैं ऐसे लोगों पर भी कठोर कार्यवाही होनी चाहिए दुर्गा मंदिर के पास सड़क किनारे लगे छोटे छोटे लोहे के बेरिकेड के कारण वहां पर सड़क की चौड़ाई कम कर रही है इसी के आसपास कुछ दिनों पहले ही एक दुर्घटना में पूर्व जनप्रतिनिधि की मौत भी हो चुकी है इसके बावजूद अधिकारियों का ध्यान इस ओर नहीं जा रहा है मुस्लिम कब्रिस्तान के सामने बने दुकानों के बाहर टीन शेड और लोहे की सीढ़ी लगाने के बाद यहां के दुकानों में आने वाले ग्राहक अपनी वाहन सड़क पर खड़े करने मजबूर है इस बात को लेकर भी लोगो में अच्छी खासी नाराजगी देखी जा रही है खैर विभाग कब नींद से जागेगा और सड़क के दोनों ओर जमे धूल और रेत को हटाएगा यह देखना बाकी




