छत्तीसगढ़बालोद

वास्तु शास्त्र में आधुनिक विद्युत उपकरणों की सही दिशा एवं स्थान की रखिये जानकारी नहीं होगा वास्तु दोष*

 *वास्तु शास्त्र में आधुनिक विद्युत उपकरणों की सही दिशा एवं स्थान*

 

वास्तु शास्त्र का मूल आधार पाँच तत्वों—अग्नि, वायु, पृथ्वी, जल और आकाश—का संतुलन है। जब ये पाँचों तत्व संतुलित होते हैं, तभी जीवन में सुख-समृद्धि और मानसिक शांति स्थापित होती है।

 

वास्तु में आठ दिशाओं का अपना विशिष्ट महत्व है:

 

· पूर्व: सफलता, जीवंतता और नई शुरुआत

· पश्चिम: रचनात्मकता और सफलता

· उत्तर: समृद्धि और वित्तीय विकास

· दक्षिण: मजबूती और अनुशासन

· दक्षिण-पूर्व (आग्नेय): अग्नि तत्व का स्थान

· उत्तर-पश्चिम (वायव्य): वायु तत्व का स्थान

· ईशान (उत्तर-पूर्व): जल तत्व एवं पवित्र स्थान

· नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम): स्थिरता एवं पृथ्वी तत्व

 

ब्रम्हस्थान (घर का केंद्र) सबसे पवित्र स्थान माना जाता है—यहाँ किसी भी प्रकार का विद्युत उपकरण या भारी वस्तु नहीं रखनी चाहिए, क्योंकि यह घर की ऊर्जा का हृदय है।

 

 

*1. इलेक्ट्रिक मीटर, कंट्रोल पैनल, फ्यूज बॉक्स, MCB पैनल*

 

तत्व: अग्नि (विद्युत ऊर्जा)

 

सही दिशा: दक्षिण-पूर्व (आग्नेय कोण)

तार्किक आधार: विद्युत ऊर्जा अग्नि तत्व का ही एक रूप है, अतः इसका प्राकृतिक स्थान आग्नेय कोण है। यदि आग्नेय संभव न हो तो पश्चिम-उत्तर-पश्चिम या उत्तर-पश्चिम दिशा भी स्वीकार्य है।

 

वर्जित: उत्तर-पूर्व (ईशान) दिशा में कभी न लगाएँ, क्योंकि यह जल तत्व का पवित्र स्थान है।

मानसिक प्रभाव: सही दिशा में लगा MCB पैनल घर में विद्युत ऊर्जा के सुचारु प्रवाह को सुनिश्चित करता है, जिससे परिवार में स्थिरता और मानसिक शांति बनी रहती है। गलत दिशा में लगे पैनल से बार-बार बिजली की समस्या हो सकती है, जिससे तनाव और चिड़चिड़ापन बढ़ता है।

 

 

*2. हीटर, इंडक्शन हीटर*

 

तत्व: अग्नि (प्रत्यक्ष ताप)

 

सही दिशा: दक्षिण-पूर्व (आग्नेय कोण)

तार्किक आधार: अग्नि तत्व का स्वामी दक्षिण-पूर्व दिशा है। इंडक्शन चूल्हा इसी दिशा में रखने से अग्नि तत्व संतुलित रहता है, खाना जल्दी और अच्छे से पकता है। खाना बनाते समय व्यक्ति का मुख पूर्व या पश्चिम दिशा की ओर होना चाहिए।

 

वर्जित: उत्तर-पूर्व या दक्षिण-पश्चिम दिशा में न रखें—इससे नकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि होती है।

मानसिक प्रभाव: सही दिशा में रखा हीटर/इंडक्शन भोजन की गुणवत्ता और स्वाद को बढ़ाता है। संतुलित अग्नि तत्व पाचन को ठीक रखता है, जिसका सीधा संबंध मानसिक स्वास्थ्य से है। गलत दिशा में रखने से खाना अधपका या जल्दी खराब हो सकता है, जिससे परिवार में असंतोष और चिड़चिड़ापन आता है।

 

 

*3. माइक्रोवेव ओवन, टोस्टर ग्रिल*

 

तत्व: द्वितीयक अग्नि (ताप उत्पादक)

सही दिशा: दक्षिण-पूर्व (आग्नेय कोण)

तार्किक आधार: माइक्रोवेव और OTG ‘द्वितीयक अग्नि’ स्रोत हैं—ये गर्मी पैदा करते हैं, इसलिए अग्नि-नियम इन पर भी लागू होते हैं। इनका स्वाभाविक स्थान आग्नेय कोण है, जो अग्नि-देव का क्षेत्र माना गया है।

 

वर्जित:

ईशान (उत्तर-पूर्व) में कभी न रखें—यह पवित्र जल-कोण है

· गैस चूल्हे के ठीक ऊपर या नीचे न रखें—इससे ‘अग्नि-ऊपर-अग्नि’ का दोष बनता है

मानसिक प्रभाव: माइक्रोवेव आधुनिक जीवन की सुविधा है। सही दिशा में रखने से यह समय की बचत करता है और भोजन की गुणवत्ता बनाए रखता है। गलत दिशा (विशेषकर ईशान) में रखने से घर की पवित्र ऊर्जा प्रभावित होती है, जिससे परिवार के सदस्यों में बेचैनी और नकारात्मक विचार आ सकते हैं।

 

*4. एयर फ्रायर*

तत्व: अग्नि + वायु (गर्म हवा का संयोजन)

सही दिशा: दक्षिण-पूर्व (आग्नेय कोण) अथवा उत्तर-पश्चिम (वायव्य कोण)

तार्किक आधार: एयर फ्रायर में अग्नि (ताप) और वायु (गर्म हवा का संचार) दोनों तत्व कार्य करते हैं। अग्नि प्रधान होने के कारण आग्नेय कोण सर्वोत्तम है। वायु तत्व की अधिकता के कारण वायव्य (उत्तर-पश्चिम) भी स्वीकार्य है।

वर्जित: ईशान (उत्तर-पूर्व) दिशा—यह जल तत्व का स्थान है, जहाँ अग्नि-वायु का संतुलन बिगड़ता है।

मानसिक प्रभाव: एयर फ्रायर स्वास्थ्यवर्धक भोजन का प्रतीक है। सही दिशा में रखने से यह पौष्टिक भोजन बनाने में सहायक होता है, जिससे परिवार का शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य बेहतर रहता है। गलत दिशा में भोजन का स्वाद और गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।

 

*5. बारबेक्यू*

त्तत्व: अग्नि (प्रत्यक्ष ज्वाला)

सही दिशा: दक्षिण-पूर्व (आग्नेय कोण)—रसोई के लिए सबसे शुभ दिशा

तार्किक आधार: बारबेक्यू खुली ज्वाला से पकाने की प्रक्रिया है, जो शुद्ध अग्नि तत्व है। अतः इसका स्थान आग्नेय कोण में ही होना चाहिए। यदि यह दिशा संभव न हो तो उत्तर-पश्चिम (वायव्य) में भी रखा जा सकता है।

 

वर्जित: ईशान (उत्तर-पूर्व) और ब्रम्हस्थान (घर का केंद्र)—कभी न रखें।

 

मानसिक प्रभाव: बारबेक्यू पारिवारिक समागम का माध्यम है। सही दिशा में होने से यह आयोजन सुखद और यादगार बनता है, जिससे परिवार के बीच आपसी प्रेम और सामंजस्य बढ़ता है। गलत दिशा में अग्नि तत्व असंतुलित हो सकता है, जिससे वातावरण में तनाव उत्पन्न हो सकता है। ॥संपर्क॥ अमदावाद

1/बी, उपलव सोसाइटी,

अपोलो इंटरनेशनल स्कूल सामने ,

बंसीधर गार्डन नजदीक,

जवाहरनगर पीछे, वासना, अहमदाबाद – 380007.

 

ऊँकार लब्धि साधना केंद्र

ज्योतिष एवं वास्तुविद

तेजस गुरूजी

8401564646

9426037050

 

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