
भ्रष्टाचार की बू! ₹30 लाख की वित्तीय स्वीकृति पर कुंडली मारकर बैठे अफसर, टेंडर गायब… ‘टुकड़ों में खरीदी’ का खेल चालू!
नगरीय प्रशासन में नियम-कायदों को किस तरह ठेंगे पर रखा जाता है, इसका एक जीता-जागता और शर्मनाक नमूना BALOD नगर पालिका में देखने को मिल रहा है।
शहरवासियों को साफ पानी पिलाने के नाम पर फिल्टर प्लांट के लिए ₹30.00 लाख की भारी-भरकम राशि की वित्तीय एवं प्रशासकीय स्वीकृति दिनांक 23.06.2026 को हो चुकी है। लेकिन मजाल है कि साहब लोगों ने इसका टेंडर निकाला हो!
हफ्तों बीत जाने के बाद भी टेंडर की फाइल सरकारी अलमारी में धूल खा रही है, जबकि दूसरी तरफ पर्दे के पीछे से ‘टुकड़ों में खरीदी’ का काला खेल धड़ल्ले से शुरू हो चुका है।
अब तक बिना किसी पारदर्शी टेंडर के तकरीबन ₹5 लाख रुपये का एलम (फिटकरी) गुपचुप तरीके से ठिकाने लगा दिया गया है।
जब जून महीने में ही ₹30 लाख का बजट मंजूर था, तो पारदर्शी टेंडर प्रक्रिया को रोकने वाला ‘महाबली’ अधिकारी कौन है?
निकाय में खुलेआम हो रहे इस तरह के वित्तीय हत्या पर उच्च अधिकारियों और ऑडिट विंग की नजरें अब तक क्यों नहीं पड़ीं?




