
छत टपक रही तो क्या, AI से मंगल ग्रह घूमेंगे: बालोद में बिना छत वाले शिक्षा विभाग का 5 करोड़ी डिजिटल सपना
जिले के शिक्षा तंत्र का गजब करिश्मा देखिए—तन पर नहीं लत्ता, पान खाएंगे अलबत्ता। DEO से लेकर बालोद BEO तक के दफ्तर उधार या जुगाड़ की इमारतों में सांसें गिन रहे हैं,
दर्जनों सरकारी स्कूलों की दीवारें मरम्मत की बाट जोह रही हैं और कई जगह शिक्षक के नाम पर केवल एक अदद हाजिरी रजिस्टर मौजूद है।
मगर जब DMF की तिजोरी का मुंह खुला हो, तो बुनियादी जरूरतों की फिक्र किसे? बालोद प्रशासन अब सीधे बच्चों को रोबोटिक्स और ब्रह्मांड की सैर कराने निकल पड़ा है।
जिले के पथराटोला में खनिज न्यास निधि के 5 करोड़ रुपये फूंककर प्रदेश का भव्य डिजिटल विज्ञान केंद्र बनने जा रहा है।
धैर्य रखिए, हम सब का बच्चा बहुत जल्द पथराटोला में वर्चुअल रियलिटी का चश्मा पहनकर भविष्य देखने वाला है।




