बालोद नगरपालिका में टेंडर प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी; बिना EPF पंजीकरण के निविदाएं आमंत्रित करने पर उठे सवाल
बालोद नगरपालिका में टेंडर प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी; बिना EPF पंजीकरण के निविदाएं आमंत्रित करने पर उठे सवाल
BALOD नगर पालिका प्रशासन द्वारा हाल ही में जारी की गई निविदाओं (टेंडर्स) को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। सरकारी नियमों और श्रम कानूनों को ताक पर रखकर बिना EPF (कर्मचारी भविष्य निधि) पंजीकरण की अनिवार्यता के टेंडर आमंत्रित किए जाने से पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
श्रम कानून और शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि किसी भी सरकारी निर्माण या सेवा कार्य के लिए ठेकेदार के पास वैध EPF पंजीकरण होना अनिवार्य है। बिना EPF के काम होने से भविष्य में श्रमिकों को पेंशन और बीमा जैसे लाभों से वंचित रहना पड़ेगा।
यह नियम सुनिश्चित करता है कि कार्य में लगे श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा और भविष्य निधि का लाभ मिल सके। लेकिन वर्तमान निविदा प्रक्रिया में इस शर्त की अनदेखी की गई है, जिससे सीधे तौर पर श्रमिकों के हितों से समझौता किया जा रहा है।
जानकारों का मानना है कि टेंडर की शर्तों में ढील देना किसी विशेष फर्म या चहेते ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने की कोशिश हो सकती है। नियमों को शिथिल करने से अपात्र ठेकेदार भी प्रक्रिया में शामिल हो जाते हैं।




