PWD टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता का आरोप, एक ही इंजीनियर दो ठेकेदारों से जुड़ा
नियमों की अनदेखी, तकनीकी मानकों को दरकिनार करने के आरोप; ‘रिंग फॉर्मेशन’ की आशंका
बालोद — लोक निर्माण विभाग (PWD) की निविदा प्रक्रिया एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। ताजा मामले में आरोप है कि एक ही इंजीनियर दो अलग-अलग निविदाकारों (ठेकेदारों) के लिए कार्यरत है, जो विभागीय नियमों का स्पष्ट उल्लंघन माना जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, PWD की निविदा-मार्गदर्शिका 2014 में यह स्पष्ट प्रावधान है कि किसी भी कार्य में नियुक्त तकनीकी व्यक्ति (इंजीनियर) केवल एक ही ठेकेदार के साथ संबद्ध रह सकता है। इसके बावजूद संबंधित इंजीनियर का एक से अधिक निविदाकारों के साथ जुड़ाव सामने आने से विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
मामले में यह भी सामने आया है कि तकनीकी रूप से अनर्ह निविदाओं को भी दरकिनार कर टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। इससे न केवल कार्य की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका है, बल्कि पूरी प्रक्रिया की निष्पक्षता भी संदेह के घेरे में आ गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति हितों के टकराव (Conflict of Interest) का स्पष्ट उदाहरण हो सकती है। साथ ही, “रिंग फॉर्मेशन” यानी ठेकेदारों के बीच संभावित मिलीभगत की आशंका भी गहराती नजर आ रही है, जिसमें सीमित समूह के माध्यम से टेंडर प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की जाती है।
इस पूरे मामले को लेकर अब जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल, विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन मामले की जांच की मांग तेज हो गई है।



