*सब खदर मसर हे ‘साहेब’ साइट इंजीनियर ही ठेकेदार, ठेकेदार ही साइट इंजीनियर*
बालोद शहर के विकास कार्यों में गुणवत्ता से समझौते का एक सनसनीखेज पहलू सामने आया है। हाल ही के टेंडर में एक ठेकेदार खुद का और एक अन्य ठेकेदार का साइट इंजीनियर है।
मतलब ‘डबल रोल’। स्थितियां ऐसी बन गई हैं जहां ‘खिलाड़ी और अंपायर’ दोनों एक ही भूमिका में नजर आ रहे हैं। चर्चा है कि निगरानी करने वाला ही जब काम करने वाला बन जाए, तो भ्रष्टाचार तो होना ही है।
एक ही टेंडर में एक ठेकेदार का खुद की फर्म से और दूसरे ठेकेदार की फर्म में साइट इंजीनियर के रूप में भाग लेना निविदा (Tender) के नियमों का गंभीर उल्लंघन है।
क्या इस साठ-गांठ के पीछे किसी बड़े सिंडिकेट का हाथ है? इस मामले में अब निष्पक्ष तकनीकी ऑडिट की मांग उठ रही है ताकि दोषियों पर कड़ी कार्यवाही की जा सके और सरकारी संसाधनों की लूट को रोका जा सके।


