
क्रमांक 7 की रहस्यमयी नाली: धरातल पर किसने देखा, और निर्माण की जरूरत कितनी जायज?
नई निविदा में क्रम 1 से 6 के साथ तीन नए स्थानीय काम जोड़े गए हैं, जिनमें सबसे ज्यादा चर्चा में है क्रमांक 7— वार्ड क्र. 10 विवेक मूंदड़ा घर से मोहन इलेक्ट्रिकल्स तक आरसीसी नाली (अनुमानित लागत 3.53 लाख)।
धरातल पर किसने देखा यह स्थल? नगर पालिका के नियमानुसार किसी भी निर्माण कार्य के प्राक्कलन से पूर्व सब-इंजीनियर और शाखा प्रभारी द्वारा मौका मुआयना कर वास्तविक स्थिति का पंचनामा और तकनीकी स्वीकृति तैयार की जाती है।
लेकिन चर्चा गर्म है कि क्या विभागीय तकनीकी अमले ने वास्तव में जमीन पर जाकर नाप-जोख की, या फिर किसी रसूखदार के इशारे पर दफ्तर के बंद कमरों में ही 3.53 लाख का स्टीमेट तैयार कर फाइलों में दौड़ा दिया गया?
क्या वाकई है नई नाली की दरकार? वार्ड क्रमांक 10 के इस मुख्य हिस्से में जल निकासी और बारिश के पानी का भराव क्या सचमुच ऐसी विकट स्थिति में है कि आपात स्थिति में इसे नई निविदा में जोड़ना पड़ा?
स्थानीय निवासियों के मुताबिक, यदि पुरानी नाली के संधारण से काम चल सकता था, तो लाखों के नए आरसीसी निर्माण का औचित्य क्या है? या फिर बजट खपाने और टेंडर का आकार बढ़ाने के लिए इस काम को ढाल बनाया गया है?



