
मिशन लाइफ-सेवर का डार्क सीक्रेट: नगर पालिका में किडनी डायलिसिस प्लांट का खौफनाक खेल… कागजों में आईसीयू, जमीन पर 10 लीटर का खिलौना
फाइलों की धूल फांकती आलमारियों के पीछे जब कोई साजिश रची जाती है, तो बाहर की दुनिया को लगता है कि विकास हो रहा है।
लेकिन नगर पालिका परिषद बालोद के गलियारों में जो ऑपरेशन हुआ, उसने मेडिकल साइंस और प्रशासनिक नैतिकता दोनों को हिलाकर रख दिया है।
तारीख: 27 मई 2025। सरकारी GeM पोर्टल पर एक ऐसा ऑर्डर पंच होता है जिसे देखकर किसी की भी आंखें फटी रह जाएं—पोर्टेबल आरओ प्लांट फॉर हेमोडायलिसिस।
जी हां, वही हेमोडायलिसिस जिसकी जरूरत तब पड़ती है जब इंसान की दोनों किडनियां जवाब दे चुकी होती हैं और खून साफ करने के लिए अस्पतालों के आईसीयू में जीवन और मौत की जंग चल रही होती है।
नगर पालिका, जिसका काम नालियों की सफाई, सड़क और स्ट्रीट लाइट देखना है… उसने अचानक अस्पताल का सबसे संवेदनशील और गंभीर जीवन-रक्षक मेडिकल उपकरण खरीदने का फरमान सुना दिया।
To be continued..




