
पृष्ठ 460 और 461: 36 महीने की वारंटी और गायब होता तकनीकी अमला
दिमाग सुन्न कर देने वाला सवाल यह था कि क्या 4 से 6 जीवित गौवंश को कचरे की तरह हाइड्रोलिक जैक उठाकर सड़क पर पलटा जाना था?
जिस ट्रॉली का मूल ढांचा खदानों और डंपिंग यार्ड के लिए बना था, उसके कागज पर 8.40 लाख का लेबल चिपकाकर उसे गोसेवा का आधुनिक वाहन करार दे दिया गया।
आगे बढ़ते ही पृष्ठ क्रमांक 460 सामने आता है। वारंटी के कॉलम में लिखा था 36 महीने। चेसिस पर ISMC चैनल और 15 लीफ स्प्रिंग प्लेट्स का हवाला। लेकिन इस पूरे पन्ने पर कहीं भी गौवंश को सुरक्षित चढ़ाने वाले हाइड्रोलिक रैंप की कोई डिजाइन नहीं थी।
अधिकारियों को सिर्फ एक चीज दिख रही थी 8,40,000 का वह जादुई आंकड़ा, जिसे आधार बनाकर डीएमएफटी मद से चेक काटना सबसे आसान था।
और फिर… 18 फरवरी 2026 का वो तीसरा भूत: फाइलों की इस थ्रिलर का सबसे बड़ा राज तब खुला जब GeM पोर्टल की बिड संख्या 7246808 की कॉपी मेज पर आई।
प्रशासन का यह सफेद झूठ कि GeM पर कैटेगरी नहीं मिल रही थी, इसी बिड के पहले पन्ने पर दम तोड़ गया। खुद बालोद पालिका ने GeM पर बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा था Item Category: COW CATCHER TRAILER


