
*”गर्मी ने किया बेहाल, देखों इनका हाल गर्मी में तप रहे मासूम सुनो मासूमों और पालको की पुकार 1 जुलाई से लगाओ स्कूल सरकार”*
बालोद – प्रदेश में पड़ रही रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और लू एवं बढ़ते उमस के प्रकोप को देखते हुए पालक संघों ने सरकार से तत्काल स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां घोषित करने की मांग उठाई है। तापमान 40°C पार कर जाने से छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। वहीं गर्मी और उमस से परेशान पालको ने अपना गुस्सा सरकारी तंत्र और उन्हें मिलने वाले फरमान पर निकालते हुए कहा की मंत्री और अधिकारी स्वयं एसी का आनंद ले रहे है पर मासूम बच्चो के स्वास्थ्य की उन्हें कोई चिंता नहीं है
*पालकों का कहना है:*
सुबह 7 बजे ही तेज धूप और गर्म हवाएं शुरू हो जाती हैं। स्कूल जाते समय और छुट्टी के बाद घर लौटते वक्त बच्चे डिहाइड्रेशन, चक्कर और उल्टी की शिकायत कर रहे हैं। कई स्कूलों में पंखे-कूलर की व्यवस्था नाकाफी है, जिससे कक्षाओं में बैठना मुश्किल हो गया है। अभिभावको का कहना है की “बच्चों की जान से बढ़कर कुछ नहीं। सरकार को 31 मई तक सभी शासकीय अशासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित करना चाहिए।” कुछ प्राइवेट स्कूलों मे पंखे कूलर की व्यवस्था होंगी पर सरकारी स्कूलों मे ठीक से पंखे भी नहीं लगे हैँ जहाँ बच्चो को गर्मी और उमस का सामना करना पड़ रहा है
*दोपहर की गर्मी मे बच्चो को लाने वाले पालको मे रोष*
पालको का कहना है की दोपहर लगभग 2 बजे प्रायः सभी स्कूलों की छुट्टी होती है स्कूलों के सामने धुप मे हमें खड़े रहने मजबूर होना पड़ता है स्कूल प्रबंधन धुप मे खड़े लोगो के बचने के कोई उपाय नहीं निकाले हैँ उनका कहना है की सभी प्रावेट स्कूलों मे फीस भी भरपूर ली जा रही है पर बच्चो को लेने आने वाले पालको के खड़े रहने की प्रबंधन को कोई चिंता नहीं है



