
- ‘ट्रिपल इंजन’ की सरकार में निकाय प्रशासन वेंटिलेटर पर! खुद सभापति बोले- “मेरा वार्ड नगर पालिका में है या नहीं, बस इतना बता दो!”
बालोद – जब खुद नगर पालिका के सभापति को यह पूछना पड़ जाए कि— “जरा रिकॉर्ड देखकर बता दो कि मेरा वार्ड इस नगर पालिका की सीमा में आता भी है या नहीं?”—तो समझ लीजिए कि प्रशासनिक तानाशाही और लापरवाही चरम पर पहुंच चुकी है।
यह सवाल सीधा उनकी कार्यप्रणाली पर खड़ा होता है जो ‘ट्रिपल इंजन’ की धौंस में जनता के नुमाइंदों को भी ठेंगे पर रखते हैं।
जब एक वार्ड के प्रथम सेवक और सभापति को अपने ही क्षेत्र में काम कराने के लिए इस कदर गिड़गिड़ाना या आक्रोशित होना पड़े, तो आम जनता की हैसियत इस सिस्टम में सिर्फ एक ‘वोटर’ से ज्यादा कुछ नहीं रह जाती।
सभापति का यह बयान सिर्फ एक शिकायत नहीं, बल्कि इस गूंगे-बहरे निकाय प्रशासन के मुंह पर करारा तमाचा है।
यह साबित करता है कि ऊपर से नीचे तक एक ही विचारधारा की सरकार होने के बावजूद, नीचे बैठे अफसरशाही के ‘पुर्जे’ पूरी तरह जंग खा चुके हैं। सत्ता पक्ष के होने के बावजूद अगर इस कदर गिड़गिड़ाना पड़े तो यह समझना भी पड़ेगा आखिर किसके इसारे पर पालिका चल रहा है आखिर पालिका का रिंग मास्टर कौन है
