
कार्रवाई के बजाय ‘भवन विकास शुल्क’ का एजेंडा परिषद में आया कैसे? किसने लगाई नस्ती… उठ रहे मिलीभगत के गंभीर सवाल!
जिस खसरा क्रमांक पर शासकीय चेतावनी बोर्ड उखाड़कर अवैध सीसी सड़क और नाली ढाल दी, उस पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करने के बजाय भवन विकास शुल्क निर्धारण का विषय परिषद की बैठक में पहुंचा कैसे?
यह सवाल अब पूरी पालिका प्रणाली की निष्पक्षता पर कालिख पोत रहा है। नियमानुसार सामान्य सभा का कोई भी एजेंडा सीधे हवा में तय नहीं होता।
भवन शाखा के कर्मचारियों और संबंधित उप अभियंता द्वारा तैयार की गई नोटशीट के आधार पर ही प्रस्ताव आगे बढ़ता है। सामान्य सभा की बैठक बुलाने और विषय-सूची जारी करने से पहले CMO प्रत्येक बिंदु का विधिक परीक्षण करते हैं।
अवैध कॉलोनाइजेशन के तहत संज्ञेय अपराध वाले मामले को ध्वस्तीकरण के बजाय शुल्क निर्धारण का प्रस्ताव किसके कहने से एजेंडे में शामिल हुआ?
इस प्रस्ताव को परिषद तक लाने वाली पूरी प्रशासनिक कड़ी (नोटशीट लिखने वाले से लेकर एजेंडा फाइनल करने वाले तक) की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।




