बिना अनुमति काट डाले 29 पेड़! बालोद के बड़भूम स्कूल में बड़ा खुलासा, प्रधान पाठक पर गिरी गाज, एफआईआर की तैयारी

संपादक – संजीव मणि नायर
बालोद। पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण को बढ़ावा देने की सरकारी मुहिम के बीच बालोद जिले के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला बड़भूम से चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां बिना विभागीय अनुमति के एक-दो नहीं, बल्कि 29 पेड़ों को काटकर बेच दिए जाने का आरोप सामने आया है। मामले का खुलासा होने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) ने प्रधान पाठक सहित संबंधित शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार विद्यालय परिसर में विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए केवल पेड़ों की ऊपरी डालियों की छंटाई का प्रस्ताव पारित किया गया था, लेकिन आरोप है कि इस प्रस्ताव की आड़ में मशीनों से पूरे पेड़ ही काट दिए गए। इतना ही नहीं, कटे हुए पेड़ों की लकड़ी को पास स्थित प्री-मैट्रिक बालक आश्रम में बेचने की भी जानकारी सामने आई है।

मामले की शिकायत मिलते ही जिला शिक्षा अधिकारी ने गुरूर के विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) को जांच के लिए विद्यालय भेजा। जांच में पेड़ों की कटाई की पुष्टि होने के बाद प्रधान पाठक सहित संबंधित शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। साथ ही दोषियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के लिए संभागीय संयुक्त संचालक को पत्र भेजा गया है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार मामले को गंभीरता से लेते हुए एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी भी चल रही है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि बिना सक्षम विभागीय अनुमति और वरिष्ठ अधिकारियों की जानकारी के इतने बड़े स्तर पर पेड़ों की कटाई किसके निर्देश पर की गई तथा लकड़ी की बिक्री से प्राप्त राशि का उपयोग किस प्रकार किया गया।

इस पूरे घटनाक्रम ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर जिला प्रशासन लगातार लोगों से अधिक से अधिक पेड़ लगाने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रहा है, वहीं दूसरी ओर शासकीय विद्यालय परिसर में बड़ी संख्या में पेड़ों की कथित अवैध कटाई का मामला सामने आने से शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट और दोषियों के खिलाफ होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।

