
*अतिक्रमण हटाने में ‘दोहरा मापदंड’ क्यों? संजारी बालोद विधायक संगीता सिन्हा का सरकार पर बड़ा हमला,,,,,भाजपा नेताओं को संरक्षण और गरीबो को बेदखली*
बालोद। छत्तीसगढ़ में अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई को लेकर सियासत गर्मा गई है। संजारी बालोद विधानसभा क्षेत्र की कांग्रेस विधायक श्रीमती संगीता सिन्हा ने प्रदेश की भाजपा सरकार और प्रशासन पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में गंभीर भेदभाव और ‘दोहरे मापदंड’ अपनाने का आरोप लगाया है।
एक प्रेस वार्ता के दौरान विधायक संगीता सिन्हा ने सीधे तौर पर सवाल उठाया कि जब आम जनता और गरीबों के आशियाने तोड़े जा रहे हैं, तो भाजपा नेताओं और रसूखदारों को प्रशासन का संरक्षण क्यों मिल रहा है?
वॉरंट जारी होने के बाद भी भाजपा नेताओं पर कार्रवाई नहीं
विधायक संगीता सिन्हा ने पुख्ता दस्तावेजों (हाईकोर्ट, तहसीलदार, एसडीएम, कलेक्टर और कमिश्नर के बेदखली आदेशों) को मीडिया के सामने दिखाते हुए कहा:
भाजपा नेता प्रदीप कुमार साहू (नगर पंचायत अध्यक्ष,गुरुर ) के खिलाफ 7 सितंबर 2025 को ही बेदखली वॉरंट जारी हो चुका है, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी तरह भाजपा नेता दुर्गानंद साहू (जनपद उपाध्यक्ष,गुरुर ) को 11 दिसंबर 2025 को बेदखली वॉरंट जारी किया गया था, लेकिन प्रशासन मौन है। इन्हें कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा जी का पूरा संरक्षण मिल रहा है।”
गरीबों के आशियानों पर चल रहा बुलडोजर
विधायक ने प्रदेश के अन्य हिस्सों का हवाला देते हुए प्रशासन की नीयत पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पलारी, बोड़रा, बालोद और नकटी जैसे क्षेत्रों में धड़ल्ले से अतिक्रमण तोड़ा जा रहा है। नकटी में तो 85 गरीब परिवारों के घरों को मलबे में तब्दील कर दिया गया। लेकिन जब बात भाजपा के पदाधिकारियों की आती है, तो सारे नियम-कानून ताक पर रख दिए जाते हैं।
अधिकारियों के आवास के पास अतिक्रमण पर प्रशासन ने छिपाई जानकारी
श्रीमती संगीता सिन्हा ने प्रशासन की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा करते हुए बताया कि उन्होंने जिला प्रशासन से लिखित में यह जानकारी मांगी थी कि कलेक्टर, एसपी, एसडीएम और अधिकारी-कर्मचारी आवासों के आसपास कब-कब और किन-किन लोगों के अतिक्रमण की शिकायतें मिली हैं। लेकिन प्रशासन ने नामों की सूची देने के बजाय केवल आंकड़ों में गोलमोल जवाब देकर जानकारी छिपाने का प्रयास किया।
विधायक की सख्त मांग:
विधायक ने सरकार और मंत्री टंकराम वर्मा से मांग की है कि इस दोहरे मापदंड को तुरंत बंद किया जाए। उन्होंने कहा कि कानून सबके लिए समान होना चाहिए और जिन भाजपा नेताओं के खिलाफ बेदखली वॉरंट जारी हो चुका है, उनके अवैध निर्माण को तत्काल तोड़ने का आदेश जारी किया जाए। कांग्रेस इस भेदभावपूर्ण कार्रवाई के खिलाफ चुप नहीं बैठेगी।


