छत्तीसगढ़बालोद

पहले सरदार पटेल मैदान फिर संजारी गार्डन——आखिर कौन है वह शख्स जो तय कर रहा स्थान

शहर सबका साझा घर है

खेल और आधुनिक सुविधाओं का विकास निसंदेह आवश्यक है, लेकिन यह विकास शहर के पहले से मौजूद हरित क्षेत्र और सुकून के दायरे को खत्म करके नहीं होना चाहिए।

संजारी क्लब गार्डन सिर्फ एक जमीन का टुकड़ा नहीं, बल्कि बुजुर्गों के टहलने, बच्चों के खेलने और आम नागरिकों के शुद्ध हवा लेने का मुख्य केंद्र है।

लोकतंत्र की बुनियाद जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों की सहमति और निगरानी पर टिकी होती है।

नगर पालिका की निर्वाचित परिषद को दरकिनार कर ऐसे संवेदनशील निर्णय लेना सीधे तौर पर जनभावनाओं की अनदेखी है।

दलगत राजनीति से ऊपर उठकर परिषद की विशेष बैठक बुलाई जानी चाहिए, ताकि शहर के पर्यावरण और गार्डन के संरक्षण के लिए सर्वसम्मत प्रस्ताव पारित कर प्रशासन को अवगत कराया जा सके।

शहर की प्राकृतिक धरोहर और खुले स्थानों की रक्षा करना हर नागरिक और जनप्रतिनिधि की साझा जिम्मेदारी है।

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