छत्तीसगढ़बालोद

बिना पुराने हिसाब के दरें बदलने की तैयारी में निकाय प्रशासन, सदन में हिसाब कौन मांगेगा?

बिना पुराने हिसाब के दरें बदलने की तैयारी में प्रशासन, सदन में हिसाब कौन मांगेगा ?

​नगर पालिका परिषद बालोद की 27 अगस्त को आहूत सामान्य सभा की बैठक में भवन विकास शुल्क की दर निर्धारण का प्रस्ताव है।

हैरानी की बात यह है कि पिछले वर्षों में भवन निर्माण अनुमति के नाम पर विकास शुल्क के रूप में लाखों रुपये वसूले गए, लेकिन यह राशि कहां और कैसे खर्च हुई, इसकी जानकारी शायद ही परिषद के किसी सदस्य को हो।

प्रशासनिक ढर्रा ऐसा है कि निकाय प्रशासन स्वतः होकर कभी भी इस मद की आय-व्यय की जानकारी सार्वजनिक करने को तैयार नहीं होता।

बिना किसी वित्तीय स्पष्टीकरण और विस्तृत नस्ती के सीधे दर निर्धारण का प्रस्ताव लाने से प्रशासन की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है।

निकाय प्रशासन चाहता है कि बिना किसी पुराने ऑडिट या व्यय विवरण के दरों में सीधे फेरबदल को मंजूरी मिल जाए, ताकि पूर्व की राशि के उपयोग पर पर्दा पड़ा रहे।

फैसला पार्षदों के हाथ में है कि वे: प्रशासनिक प्रस्ताव पर आंख मूंदकर ‘हां में हां’ मिलाते हुए बिना हिसाब के नई दरों पर मुहर लगाकर जनता पर वित्तीय बोझ बढ़ाते हैं,

या फिर एक जिम्मेदार जनप्रतिनिधि का फर्ज निभाते हुए सदन के पटल पर जनता के हक और पुरानी वसूली के पाई-पाई का हिसाब मांगते हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!