
अवैध प्लाटिंग पर पालिका का ‘पिक एंड चूज’: बोर्ड उखाड़ने वालों पर मेहरबानी, खाली जमीन पर लेवलिंग करने वालों को अल्टीमेटम
नगर पालिका परिषद बालोद की कार्यप्रणाली में न्याय और कानून के तराजू का एक बेहद शर्मनाक और दोहरा चेहरा सामने आया है।
एक तरफ जमीन पर केवल मुरूम डालने और प्रीकास्ट बाउंड्री लगाने भर से पालिका का अमला हरकत में आ जाता है, कलेक्टर, एसडीएम और टीएंडसीपी को प्रतिलिपि भेजकर 7 दिनों में संरचनाएं हटाने का कड़ा नोटिस जारी कर दिया जाता है।
वहीं दूसरी तरफ, खसरा क्रमांक 621/8, 621/9, 621/10, 621/12, 621/13, 621/18 में जमीन दलालों ने चेतावनी बोर्ड उखाड़ फेंका और दिन-दहाड़े पूरी सीसी सड़क व पक्की नालियां ढाल दीं—लेकिन इस महा-उल्लंघन पर पालिका के दफ्तर से कार्रवाई का एक पन्ना तक नहीं निकला।
शहर के गलियारों में अब यह बात खुलकर तैर रही है कि जब दलालों की जेब खुल जाती है तो नगर पालिका के सारे नियम, कानून और नोटिस रद्दी की टोकरी में चले जाते हैं।
अब देखना यह होगा कि क्या जिला प्रशासन इस खुली सेटिंग पर संज्ञान लेकर खसरा नं. 621 पर बुलडोजर चलाएगा या भ्रष्ट तंत्र की यह मूक सहमति यूं ही जारी रहेगी।



