
- जनता के टैक्स के पैसे पर डाका! पुरानी प्लेसमेंट एजेंसी की जेब गर्म करने 32 दिनों से रोकी फाइल, जुलाई माह का सेवा शुल्क हड़पने को तैयार सिंडिकेट
BALOD नगरपालिका में नियमों की धज्जियां उड़ाकर खेला जा रहा प्लेसमेंट टेंडर का खेल अब पूरी तरह बेनकाब हो चुका है।
‘कमीशनराज’ की परतें जैसे-जैसे खुल रही हैं, वैसे-वैसे यह साफ होता जा रहा है कि यहां कायदे-कानूनों की बलि सिर्फ और सिर्फ एक चहेती पुरानी एजेंसी को आर्थिक लाभ पहुंचाने के लिए दी जा रही है।
नियम स्पष्ट कहता है कि निविदा खुलने के बाद 03 दिनों के भीतर निविदा समिति से अनुशंसा लेकर दर स्वीकृति का प्रकरण सक्षम प्राधिकारी को भेज दिया जाए। लेकिन 26 जून को खुले टेंडर को आज पूरे 32 दिन बीत जाने के बाद भी दबाकर रखा गया है।
वजह अब साफ हो चुकी है—इसके पीछे विभागीय अधिकारियों और पुरानी एजेंसी का वह ‘गठजोड़’ है, जो नियम विपरीत तरीके से जनता के टैक्स के पैसे लुटाने में मस्त है।
यदि जून के अंत तक नई निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली जाती, तो जुलाई महीने से नई एजेंसी काम संभाल लेती। लेकिन जानबूझकर फाइल को आगे नहीं बढ़ने दिया गया ताकि जुलाई माह का पूरा सेवा शुल्क उसी पुरानी एजेंसी के खाते में जाए।
जनता जो पैसा टैक्स के रूप में निकाय को देती है, उस पैसे को मलाई बनाकर चहेती एजेंसी की जेब में डालने का यह खेल प्रशासनिक संरक्षण में धड़ल्ले से चल रहा है।


