
सरदार पटेल मैदान के अस्तित्व पर संकट: विरोध की उठी चिंगारी, सभापति, पार्षद व एल्डरमैन हुए लामबंद; कलेक्टर के नाम सौंपा ज्ञापन
मैदान के खुले स्वरूप से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं: निकाय प्रशासन की हठधर्मिता के खिलाफ जनप्रतिनिधियों ने खोला मोर्चा, क्रिकेट बॉक्स निर्माण तत्काल रद्द करने की दो टूक मांग
शहर के हृदय स्थल और एकमात्र सार्वजनिक धरोहर सरदार पटेल मैदान के अस्तित्व को बचाने के लिए अब जनप्रतिनिधियों ने आर-पार की लड़ाई का शंखनाद कर दिया है।
मैदान के खुले स्वरूप को दरकिनार कर वहां क्रिकेट बॉक्स के नाम पर कंक्रीटीकरण और जमीन घेरने की चल रही प्रशासनिक तैयारियों के खिलाफ नगर पालिका परिषद बालोद के सभापति, पार्षदगण और एल्डरमैन एकजुट होकर लामबंद हो गए हैं।
जनप्रतिनिधियों ने नगरवासियों, खिलाड़ियों और मासूम स्कूली बच्चों के हक में आवाज बुलंद करते हुए कलेक्टर के नाम एक तीखा व विस्तृत ज्ञापन सौंपा है।
जनप्रतिनिधियों ने दो टूक शब्दों में कहा कि वे खेल सुविधाओं के विस्तार के विरोधी नहीं हैं, लेकिन यह तथाकथित विकास मैदान की मूल पहचान और उसके खुले प्राकृतिक स्वरूप को नष्ट करके नहीं होना चाहिए।



