भारत की विविधता, लोकतांत्रिक परंपरा और राष्ट्रीय एकता को कोई शक्ति मिटा नहीं सकती – नीलू शर्मा
बालोद में राष्ट्र चेतना संवाद का आयोजन, लोकतंत्र की मजबूती, निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता और राष्ट्रीय अस्मिता पर हुआ विचार-मंथन

बालोद। भारत की सांस्कृतिक विविधता, लोकतांत्रिक परंपराओं और राष्ट्रीय एकता को रेखांकित करते हुए छत्तीसगढ़ राज्य पर्यटन मंडल के अध्यक्ष एवं कार्यक्रम के मुख्य वक्ता नीलू शर्मा ने कहा कि भारत विविधताओं से परिपूर्ण एक सशक्त लोकतांत्रिक राष्ट्र है। इसकी जड़ें इतनी गहरी हैं कि कोई भी ताकत देश की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों को नष्ट नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति संवैधानिक मर्यादाओं, जनविश्वास और लोकतांत्रिक संस्थाओं के सम्मान में निहित है।
भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व, भाजपा छत्तीसगढ़ एवं लोक जागरण मंच के संयुक्त तत्वावधान में 22 अक्टूबर से 5 नवंबर तक आयोजित राष्ट्रव्यापी ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता भगाओ’ अभियान के अंतर्गत गुरुवार को बालोद नगर स्थित कुर्मी भवन में संजारी-बालोद विधानसभा स्तरीय ‘राष्ट्र चेतना संवाद’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में लोकतंत्र की मजबूती, निर्वाचन प्रक्रिया, राष्ट्रीय चेतना और देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था के समक्ष उपस्थित चुनौतियों पर प्रबुद्धजनों ने विचार साझा किए।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। विशिष्ट वक्ताओं में भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्रीमती शताब्दी पांडे, अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष सुनील सोनी, पद्मश्री डोमार सिंह कुंवर, शिक्षाविद् सुरेंद्र ताम्रकार तथा पुरुषोत्तम देशमुख शामिल रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता, पंडित दीनदयाल उपाध्याय एवं डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्रों के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं पूजा-अर्चना के साथ हुआ।
इस कार्यक्रम के संयोजक एवं राष्ट्र चेतना संवाद के जिला संयोजक एवं वरिष्ठ साहित्यकार जगदीश देशमुख द्वारा अतिथियों का रामचरितमानस ग्रंथ भेंटकर स्वागत किया गया, वहीं उपस्थित प्रबुद्धजनों का हनुमान चालीसा भेंटकर अभिनंदन किया गया।
लोकतंत्र संवैधानिक मर्यादाओं से चलता है, सड़क से नहीं – नीलू शर्मा
मुख्य वक्ता नीलू शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि भारत विश्व का एक सशक्त लोकतांत्रिक देश है, जहां संविधान सर्वोपरि है। उन्होंने विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर टिप्पणी करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार सड़क के दबाव से नहीं, बल्कि संवैधानिक मूल्यों और संसदीय परंपराओं के अनुरूप संचालित होती है। संसद देश की सर्वोच्च विधायी संस्था है और लोकतांत्रिक विमर्श का प्रमुख केंद्र है।

उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए मतदाता सूची की शुद्धता, निर्वाचन व्यवस्था की विश्वसनीयता तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति जनविश्वास के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि समाज में भ्रम और संशय का वातावरण निर्मित करने वाली गतिविधियों के प्रति नागरिकों को सजग रहना चाहिए। लोकतंत्र की रक्षा केवल संस्थाओं की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक जागरूक नागरिक का कर्तव्य है।
नीलू शर्मा ने उपस्थित बुद्धिजीवियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का उत्तर देते हुए विभिन्न विषयों पर अपना पक्ष रखा और संवाद को सार्थक दिशा प्रदान की।
निष्पक्ष निर्वाचन के लिए मतदाता सूची का अद्यतन आवश्यक – शताब्दी पांडे

भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता श्रीमती शताब्दी पांडे ने निर्वाचन आयोग की भूमिका, उसकी संस्थागत निष्पक्षता तथा स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव की अनिवार्यता पर विस्तार से विचार रखे। उन्होंने मतदाता सूची के नियमित अद्यतन और निर्वाचन प्रक्रिया की निरंतरता को लोकतंत्र की विश्वसनीयता के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि चुनावी व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती के लिए आवश्यक है।
पद्मश्री डोमार सिंह कुंवर की प्रस्तुति ने जगाई राष्ट्रभक्ति की भावना
कार्यक्रम में पद्मश्री डोमार सिंह कुंवर ने अपनी भावपूर्ण प्रस्तुति ‘भारत महतारी, मैं तोला बंदव दाई’ के माध्यम से उपस्थित जनसमुदाय को भावविभोर कर दिया। उनकी प्रस्तुति ने सभागार में राष्ट्रप्रेम, मातृभूमि के प्रति समर्पण और सांस्कृतिक गौरव की भावना को सशक्त अभिव्यक्ति दी।

अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष सुनील सोनी, शिक्षाविद् सुरेंद्र ताम्रकार एवं पुरुषोत्तम देशमुख ने भी लोकतांत्रिक मूल्यों, सामाजिक जागरूकता और राष्ट्रीय दायित्वों से जुड़े विषयों पर अपने विचार प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किए।
लोकतंत्र की मजबूती के लिए जागरूक नागरिक समाज जरूरी
भाजपा जिलाध्यक्ष चेमन देशमुख ने अपने संबोधन में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय संगठनों की राजनीतिक गतिविधियों का उल्लेख करते हुए भारतीय लोकतंत्र को अस्थिर करने के कथित प्रयासों पर अपना विश्लेषण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती के लिए नागरिकों का जागरूक, विवेकशील और राष्ट्रहित के प्रति प्रतिबद्ध होना आवश्यक है।
पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष पवन साहू ने बांग्लादेश एवं नेपाल सहित अन्य देशों के राजनीतिक घटनाक्रमों का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत की राष्ट्रीय अस्मिता, सांस्कृतिक विरासत और लोकतांत्रिक परंपराएं उसकी सबसे बड़ी ताकत हैं। उन्होंने राष्ट्र की एकता एवं अखंडता के प्रति सजग रहने का आह्वान किया।
राष्ट्रीय चेतना संवाद के जिला संयोजक एवं वरिष्ठ साहित्यकार जगदीश देशमुख ने सभा को संबोधित करते हुए कहा – लोकतंत्र को अस्थिर करने का दुष्प्रयास और अराजकतावादी विपक्षी दलों के अलावा लोकतांत्रिक पद्धति से चुनी गई सरकार को किस तरह से अंतरराष्ट्रीय साजिश के तहत स्थित करने के लिए आंदोलन किया जा रहा है उनके मोहब्बत की दुकान से हिंसा और नफरत की आग निकल रही है और उन्होंने इन तथ्यों पर विचार विमर्श की सम्यक जानकारी दी।
प्रबुद्धजनों की सहभागिता ने संवाद को बनाया सार्थक
राष्ट्र चेतना संवाद में साहित्यकारों, कवियों, लेखकों, प्राध्यापकों, चिकित्सकों, इंजीनियरों, समाजसेवियों, अधिवक्ताओं एवं पत्रकारों सहित विभिन्न क्षेत्रों के प्रबुद्धजनों ने सहभागिता की। कार्यक्रम ने राष्ट्रीय विषयों पर विचार-विमर्श, प्रश्नोत्तर और वैचारिक आदान-प्रदान के लिए एक साझा मंच प्रदान किया।
इस अवसर पर सिटी प्रेस क्लब अध्यक्ष टीकम पिपरिया, विधि प्रकोष्ठ से नीतू सोनवानी, अनीता साहू, संगीता बाला शर्मा, सेवंत साहू, नारायण टुवानी, वैभव साहू, सोमेश यादव, साहित्यकार डॉ. लक्ष्मण उमरे, गोपाल मानिकपुरी, बी.आर. बेलसर, आर.के. वर्मा, एजाज खान, निशा योगी, जितेन्द्र साहू, ललिता पिमन साहू, अरुण साहू, धर्मेंद्र साहू, सुरेंद्र देशमुख, करुणा कश्यप, अमिता चोपड़ा, संजय शर्मा सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में सुरेंद्र देशमुख ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन बंशीलाल साहू ने किया। राष्ट्रगान के साथ राष्ट्र चेतना संवाद कार्यक्रम का समापन हुआ।
कमल पनपालिया
मीडिया प्रभारी
भारतीय जनता पार्टी, जिला बालोद



