
50 हजार दीजिए, अवैध प्लॉट पर भी भवन निर्माण की अनुमति दिलवा दूंगा: जमीन दलालों का खुला खेल
50 हजार रुपये लगेगा, भवन निर्माण की अनुमति दिलवा दूंगा… चौंकिए मत! हम भले ही सुशासन और जनसेवा का दंभ भरते रहें, लेकिन बालोद नगर पालिका की जमीन पर सिस्टम की नाक के नीचे दलालों का यह नया ‘रेट कार्ड’ चल रहा है।
यह कोई मनगढ़ंत कहानी नहीं है, बल्कि जमीन के सौदागरों के मुंह से निकला वह कड़वा सच है, जिसकी पूरी पटकथा समय आने पर सबूतों के साथ बेनकाब होगी।
भोले-भाले नागरिक विकास और अनुमति के नाम पर कैसे लूटे जा रहे हैं, इसका गणित समझिए। एक आम नागरिक जब अपना आशियाना बनाने के लिए आवेदन करता है, तो उसे नियमानुसार:
संवीक्षा शुल्क, अनुज्ञा/लाइसेंस फीस और भारी-भरकम विकास प्रभार तो चुकाना ही पड़ता है। इसके ऊपर 50 हजार रुपये की मांग इसलिए हैं कि संबंधित जमीन अवैध प्लाटिंग क्षेत्र में आती है और सेटिंग के बिना नक्शा पास नहीं हो सकता।
भवन विकास शुल्क की दर निर्धारण का प्रस्ताव लाया जा रहा है। दावा है कि जैसे ही विकास शुल्क की नई दरों पर मुहर लगेगी, अवैध प्लाटिंग क्षेत्रों से ताबड़तोड़ आवेदनों की बाढ़ आ जाएगी।




