
सीलिंग के लिए पुलिस बुलाई, पर 8 साल खजाना लुटवाने वाले स्टाफ पर सन्नाटा! भारी वित्तीय क्षति के बाद भी स्टाफ को एक नोटिस तक नहीं
नगर पालिका परिषद बालोद के जनसूचना अधिकारी द्वारा जारी आधिकारिक पत्र (पत्रांक 2273/न.पा.प./2026-27) में लिखित रूप से यह स्वीकारोक्ति दर्ज है:
आबंटन दिनांक से आज दिनांक 15.07.2026 तक राजस्व वसूली में लापरवाही बरतने वाले अधिकारी/कर्मचारियों के विरुद्ध किसी भी प्रकार का कोई कारण बताओ नोटिस जारी नहीं किया गया है।
यह कानूनी दस्तावेज इस बात का सबसे बड़ा सबूत है कि दुकानों पर बकाया प्रीमियम और किराए का दोष पूरी तरह प्रमाणित हो चुका है, लेकिन इस पूरे खेल के असली सूत्रधार—यानी राजस्व निरीक्षक और वसूली प्रभारी—को पूरी तरह बेदाग और सुरक्षित छोड़ दिया गया है।
दुकानदारों पर आप डंडा चलाइये, इसमें कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन पहले उस भ्रष्ट तंत्र और लापरवाह स्टाफ पर हंटर चलाइये जिनकी मेहरबानी से यह वित्तीय अपराध 8 वर्षों तक फलता-फूलता रहा।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सीलिंग के लिए पुलिस का सहारा लेने वाला प्रशासन अपने ही दोषी अमले पर एक नोटिस तक जारी न करे—यह दोहरा चरित्र कब तक बर्दाश्त किया जाएगा?




