
निरीक्षक साहब की रवानगी बाद किसके भरोसे बालोद? प्लेसमेंट कर्मचारियों की राम भरोसे नैया या एसी दफ्तर से बाहर आएंगे दरोगा जी?
नगर पालिका परिषद BALOD में इन दिनों सबसे बड़ा यक्ष प्रश्न हवा में तैर रहा है—स्वच्छता निरीक्षक साहब का प्रमोशन हो गया, उन्होंने बोरिया-बिस्तर समेटकर रवानगी ले ली हैं, तो अब इस बदहाल शहर का कचरा कौन समेटेगा?
साहब, क्या दरोगा जी को फील्ड में उतारने के लिए किसी शुभ मुहूर्त की दरकार है या फिर उन्हें लोक निर्माण का मानद इंजीनियर ही घोषित कर दिया गया है?
दो टूक मांग है कि निरीक्षक के जाने के बाद कम से कम दरोगा जी का एसी मोह भंग किया जाए, उनसे निर्माण शाखा की चाबियां छीनी जाएं और उनके हाथ में वार्डों का सुपरविजन थमाया जाए।
अब जब स्वच्छता निरीक्षक का तबादला हो गया है, तो सवाल उठना लाजिमी है कि क्या पूरी व्यवस्था प्लेसमेंट कर्मियों के भरोसे चलेगी?
सेनापति (दरोगा जी) तो दफ्तर की ठंडक में चाय की चुस्कियां लेते हुए तकनीकी फाइलों पर लाल-नीली स्याही चला रहे हैं, और मैदान में स्वच्छता सिपाही बिना दिशा-निर्देश के हांफ रहे हैं।




