
कचरे की खुशबू से तौबा-तौबा: मानो दरोगा जी बोले रहे—’हम तो PWD के दीवाने हैं, झाड़ू-बाल्टी से हमारा क्या नाता?’
नगर पालिका परिषद BALOD में शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर प्रशासनिक संवेदनहीनता का ऐसा नजारा देखने को मिल रहा है, जिसने निकाय के पूरे तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सोमवार (31 अगस्त) की सुबह 7:44 बजे पांडेपारा रोड पर खड़े होकर स्वच्छता निरीक्षक ने फील्ड में कचरा उठवाते हुए जीपीएस मैप वाली तस्वीर साझा की थी।
इसके बाद पूरा मंगलवार बीत गया और अब बुधवार की सुबह भी निकल चुकी है, लेकिन 48 घंटे से अधिक का समय बीत जाने के बावजूद व्यवस्था की कमान संभालने का दावा करने वाले किसी भी जिम्मेदार चेहरे की फील्ड से एक अदद तस्वीर तक सामने नहीं आई है।
सोमवार की उस तस्वीर के बाद से शहर की सड़कें और गलियां बिना किसी सुपरविजन के बदहाली के आंसू रो रही है। शहरवासी अब खुलकर पूछ रहे हैं कि क्या निकाय प्रशासन ‘अपना काम बनता, भाड़ में जाए जनता’ वाले पुराने ढर्रे पर ही चलेगा?



