
- सिर्फ हेडिंग देखकर पास कर दीजिए प्रस्ताव, एजेंडा मांगने की गुस्ताखी मत कीजिए
नगर पालिका परिषद BALOD में लोकतंत्र का नया एडवांस मॉडल आकार ले रहा है। यहां सामान्य सभा की बैठक के लिए नस्तियां, दस्तावेज और विस्तृत एजेंडा बांटना शायद आउट ऑफ फैशन हो चुका है।
निकाय प्रशासन का मानना है कि जब एक पन्ने की विषय-सूची थमा दी गई है, तो जनप्रतिनिधियों को उसी से सब कुछ समझ जाना चाहिए।
अब जरा बैठक सूचना के विषय क्रमांक 12 की बानगी देखिए। इसमें बड़े रोबदार शब्दों में लिखा गया है—पुराना नगरपालिका भवन के सीएमओ कक्ष एवं हॉल को माई भारत केन्द्र कार्यालय स्थापित किये जाने हेतु दिये जाने के संबंध में चर्चा व निर्णय।
देना किसको है, किस शर्त पर देना है… ये ‘सीक्रेट’ है! विषय-सूची देखकर पार्षद माथा पीट रहे हैं कि आखिर माई भारत केंद्र के नाम पर शहर की यह प्राइम प्रॉपर्टी देनी किसको है?
जब जागरूक सदस्यों ने बकायदा पत्र लिखकर विस्तृत एजेंडा की मांग की, तो आज दिनांक तक वह भी लापता है। लगता है प्रशासन चाहता है कि सदन में पार्षद बस पहुंचें, हाथ उठाएं और तथास्तु कहकर घर लौट जाएं।



