
हाथ जोड़कर अर्जी: CMO साहब, स्वच्छता सर्वेक्षण आ गया… दरोगा जी को एसी से निकालिए, वरना रैंकिंग पाताल में जाएगी!
जनता का सीधा और तीखा सवाल है— साहब, अगर सफाई दरोगा जी एसी दफ्तर के निर्माण शाखा की मलाईदार फाइलों पर ही दस्तखत करते रहे, तो इस बार बालोद की स्वच्छता रैंकिंग आसमान से सीधे पाताल में नजर आएगी।
नागरिकों का भी कहना है कि जब पूरे शहर में नालियां उफान पर हैं और कचरा बजबजा रहा है, तब दरोगा जी दफ्तर के ठंडे कमरों में बैठकर निर्माण कार्यों के बिल और टेंडर की फाइलों का वजन नाप रहे हैं।
मेहरबानी करके दरोगा जी को उनके मूल पद (स्वच्छता प्रबंधन) की याद दिलाई जाए। रैंकिंग सुधारनी है तो दरोगा जी की कलम से निर्माण शाखा का प्रभार छीनकर उनके हाथ में वार्डों, नालियों और कचरा गाड़ियों की कमान थमानी होगी।
अब देखना यह है कि सीएमओ साहब की अर्जी सुनकर आप दरोगा जी को फील्ड पर उतारते हैं या दरोगा जी का एसी प्रेम यूं ही बरकरार रहेगा।




